India News: भारतीय सर्राफा बाजार में सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। वैश्विक बाजार के मजबूत संकेतों और घरेलू स्तर पर शादियों के सीजन की मांग ने पीली धातु को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। देश के लगभग सभी बड़े महानगरों में आज 24 कैरेट सोने की औसत कीमत 1,50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गई है।
आखिर क्यों लगी है सोने की कीमतों में आग?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को सोने की ओर आकर्षित किया है। अमेरिकी डॉलर में आई हल्की कमजोरी ने भी वैश्विक स्तर पर कीमतों को समर्थन दिया है। भारत में इस समय शादियों का भारी सीजन चल रहा है। इस कारण ज्वेलरी स्टोर पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। विश्लेषकों का मानना है कि मांग और आपूर्ति के इस असंतुलन के चलते कीमतें फिलहाल ऊंचे स्तर पर ही टिकी रहेंगी।
दिल्ली से चेन्नई तक महानगरों का हाल
आज 27 अप्रैल 2026 को देश के विभिन्न महानगरों में सोने के भाव रिकॉर्ड स्तर पर दर्ज किए गए हैं। दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में 24 कैरेट सोने का भाव 1,50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर है। वहीं, इन शहरों में 22 कैरेट सोने की कीमत 1,37,600 रुपये दर्ज की गई है। कोलकाता में कीमतें मामूली रूप से कम हैं, जहां 24 कैरेट सोना 1,49,400 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,37,000 रुपये के भाव पर बिक रहा है।
उत्तर और दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों के रेट्स
बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे दक्षिण भारतीय व्यापारिक केंद्रों में भी 24 कैरेट सोना 1,50,000 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा है। उत्तर भारत की बात करें तो लखनऊ और जयपुर में भी कीमतें दिल्ली के बराबर ही बनी हुई हैं। नोएडा और गुरुग्राम में भी 24 कैरेट सोने के लिए खरीदारों को 1,50,000 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। स्थानीय करों और मेकिंग चार्जेस के कारण अलग-अलग ज्वेलर्स के पास अंतिम कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल सकता है।
खरीदारों और निवेशकों के लिए जरूरी सलाह
सर्राफा विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षित निवेश के लिहाज से सोना हमेशा से पहली पसंद रहा है। हालांकि, मौजूदा कीमतों को देखते हुए ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे खरीदारी से पहले स्थानीय लाइव रेट जरूर चेक करें। आभूषणों की अंतिम कीमत में 3% जीएसटी (GST) और मेकिंग चार्जेस अलग से जोड़े जाते हैं। वैश्विक घटनाक्रमों और मुद्रा बाजार के उतार-चढ़ाव पर नजर रखना भी निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
