गाजीपुर में पीडीए का नारा बना सपा के लिए काल, कटरिया कांड ने बिगाड़े जातीय समीकरण तो अखिलेश पर डैमेज कंट्रोल का दबाव

Uttar Pradesh News: गाजीपुर के कटरिया गांव में किशोरी की मौत ने समाजवादी पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में पीडीए के नारे पर सवार सपा के लिए यह मामला उल्टा पड़ता दिख रहा है। एक ओर पार्टी ने पिछड़े वर्ग को साधने की कोशिश की तो दूसरी ओर जीत में निर्णायक भूमिका निभाने वाला एक बड़ा वर्ग नाराज होकर दूर हो गया। अब इस क्षति को रोकने के लिए अखिलेश यादव 29 अप्रैल को गाजीपुर जाने वाले हैं।

अखिलेश का गाजीपुर दौरा बनेगा डैमेज कंट्रोल का हथियार

सपा प्रमुख अखिलेश यादव का 29 अप्रैल को गाजीपुर आना एक बड़ी राजनीतिक रणनीति के तहत देखा जा रहा है। इस दौरे से पार्टी पीडीए के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाना चाहती है। साथ ही घटना के बाद कार्यकर्ताओं में जो मायूसी और गुस्सा है उसे शांत करने का प्रयास होगा। कटरिया की घटना ने सपा ही नहीं बल्कि पुलिस प्रशासन और सरकार के लिए भी दोहरी चुनौती पैदा कर दी है। हर पक्ष को अपनी छवि बचाने की जद्दोजहद करनी पड़ रही है।

सरकार ने राजभर को बनाया आक्रामक सपा का काट

मामला पिछड़ी जाति से जुड़ा होने के कारण सरकार ने तुरंत सक्रियता दिखाई। जनपद की सीट से विधायक और पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर को आक्रामक तरीके से सपा के काट के रूप में खड़ा कर दिया गया। इसके अलावा विश्वकर्मा समाज से वाराणसी के जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा और जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या को भी मोर्चे पर उतारा गया। इन नेताओं ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए पांच लाख रुपये, डेढ़ बीघा कृषि पट्टा और आवास के कागज सौंपे।

15 अप्रैल को गंगा में मिला था किशोरी का शव

घटना की शुरुआत 15 अप्रैल को हुई जब विश्वकर्मा परिवार की नाबालिग किशोरी का शव गंगा में मिला। पिता की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर हरिओम पांडेय को जेल भेज दिया। जांच में पुलिस की काल डिटेल से किशोरी और हरिओम पांडेय के बीच प्रेम प्रसंग की बात सामने आई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर न तो चोट के निशान मिले और न ही दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इसके बावजूद राजनीति तेज हो गई।

सपा के पत्र ने बढ़ाई आग, दुष्कर्म और हत्या के लगाए आरोप

सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की ओर से एक पत्र जारी किया गया। इस पत्र में मामले को दुष्कर्म के बाद हत्या जैसा गंभीर बताया गया। पत्र के सार्वजनिक होते ही गांव का माहौल गरमा गया और आक्रोश तेजी से फैला। सपा ने शुरुआत से ही इस घटना को हत्या और दरिंदगी का मामला बताकर आक्रामक तरीके से उठाया। पार्टी पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा।

22 अप्रैल को हिंसा में बदल गया सपा का दौरा

22 अप्रैल को सपा का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने कटरिया गांव पहुंचा। प्रशासन ने केवल 15 लोगों को जाने की अनुमति दी थी लेकिन वहां 200 से ज्यादा लोग पहुंच गए। इसी बात को लेकर सपा प्रतिनिधिमंडल और गांव के प्रधान प्रतिनिधि के बीच संघर्ष हो गया। देखते ही देखते स्थिति ने हिंसक रूप ले लिया और पथराव शुरू हो गया। इस घटना में पूर्व मंत्री राम आसरे वर्मा और थानाध्यक्ष करंडा सहित दस से ज्यादा लोग घायल हो गए।

16 गिरफ्तार, सपा विधायकों पर दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने हिंसा के मामले में सख्त कार्रवाई की। सपा के दो विधायकों जै किशन साहू और वीरेंद्र यादव के अलावा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव समेत 46 नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। अब तक पुलिस 16 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पथराव की इस घटना ने सपा की छवि को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। सहानुभूति पाने निकली पार्टी आरोपी की स्थिति में खड़ी नजर आ रही है।

ब्राह्मण नेताओं की गैरमौजूदगी और कलराज की एंट्री ने बदले समीकरण

सपा के प्रतिनिधिमंडल में ब्राह्मण समाज के प्रमुख नेताओं की अनुपस्थिति सवालों के घेरे में है। इसी बीच पूर्व राज्यपाल और भाजपा नेता कलराज मिश्रा ने इस प्रकरण में एंट्री लेकर सपा और कांग्रेस पर माहौल खराब करने का आरोप लगाया। यह बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। पहले नोनहरा कांड में ब्राह्मण समाज की नाराजगी ने सपा को ताकत दी थी लेकिन इस बार परिस्थितियां बिल्कुल अलग नजर आ रही हैं।

2027 के चुनावी समीकरण पर बढ़ा संकट

गाजीपुर के मौजूदा राजनीतिक समीकरणों पर नजर डालें तो सपा के पास फिलहाल पांच विधानसभा सीटें हैं। भाजपा का खाता तक नहीं खुला है। लेकिन भाजपा और सुभासपा के संभावित गठबंधन ने 2027 के मुकाबले को कड़ा बनाने के संकेत दे दिए हैं। वर्ष 2017 में भाजपा-सुभासपा गठबंधन को बढ़त मिली थी। वर्ष 2022 में सुभासपा के सपा के साथ आने से सीटें दो से बढ़कर पांच हो गई थीं। अब यह घटनाक्रम सियासी पाला बदलने की क्षमता रखता है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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