Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्रों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। बोर्ड ने शैक्षिक विवरण में संशोधन के लिए एक बार फिर अवसर प्रदान किया है। सोमवार 27 अप्रैल से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। छात्र 6 मई तक अपनी मार्कशीट में नाम, जन्मतिथि और फोटो जैसी त्रुटियों को सही करा सकते हैं। यह इसका अंतिम मौका है।
त्रुटि रहित प्रमाणपत्र देने के लिए बोर्ड ने उठाया बड़ा कदम
यूपी बोर्ड का यह निर्णय छात्रों और उनके अभिभावकों को भविष्य में होने वाली परेशानी से बचाने के लिए लिया गया है। बोर्ड चाहता है कि हर परीक्षार्थी का प्रमाणपत्र-सह-अंकपत्र पूरी तरह त्रुटि रहित हो। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि इस निर्धारित अवधि के बाद किसी भी प्रकार का संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसलिए छात्रों को इस मौके की गंभीरता को समझना चाहिए।
छात्र नहीं, स्कूल के प्रिंसिपल को करना होगा आवेदन
शैक्षिक विवरण में संशोधन के लिए छात्र सीधे वेबसाइट पर आवेदन नहीं कर सकते हैं। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य को सौंपी गई है। प्रधानाचार्य को परिषद की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर लॉगिन करना होगा। वहां से उन्हें निर्धारित प्रारूप और मैन्युअल डाउनलोड करना होगा। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जानी है। इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जा सकती।
नाम, जन्मतिथि और फोटो जैसी ये गलतियां होंगी ठीक
बोर्ड सचिव के अनुसार छात्र अपने नाम की वर्तनी में सुधार करा सकते हैं। माता या पिता के नाम में हुई स्पेलिंग की गलती को भी ठीक किया जा सकता है। इसके अलावा जन्मतिथि गलत दर्ज होने की स्थिति में संशोधन का प्रावधान है। फोटो बदलने की सुविधा भी इसी विंडो में उपलब्ध है। छात्रों को सलाह है कि वे अपनी डिजिटल मार्कशीट को ध्यान से चेक करें और जरूरी बदलाव की सूची प्रिंसिपल को सौंप दें।
जिला विद्यालय निरीक्षक से अनुमोदन अनिवार्य
संशोधन की प्रक्रिया में एक और अहम कदम जोड़ा गया है। प्रधानाचार्य द्वारा निर्धारित प्रारूप में विवरण भरने के बाद इसे स्वयं सत्यापित करना होगा। इसके बाद यह प्रारूप संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक के पास अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। डीआईओएस की मंजूरी मिलने के बाद ही विद्यालय पोर्टल पर इस अपडेट को अपलोड कर पाएंगे। सभी आवश्यक अभिलेख और साक्ष्य भी वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य है।
स्कूलों को सख्त चेतावनी, लापरवाही पड़ेगी भारी
यूपी बोर्ड ने सभी विद्यालयों के लिए कड़ी चेतावनी जारी की है। यदि किसी विद्यालय द्वारा सुधार की आवश्यकता होने के बावजूद पोर्टल पर आवेदन नहीं किया जाता तो उसे गंभीर लापरवाही माना जाएगा। प्रमाणपत्र जारी होने के बाद यदि संशोधन की मांग उठती है तो ऐसे विद्यालयों को चिह्नित कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
6 मई शाम 6 बजे बंद हो जाएगा पोर्टल
यूपी बोर्ड ने समय-सीमा को लेकर पूरी सख्ती बरती है। संशोधन के लिए ऑनलाइन पोर्टल 27 अप्रैल से लेकर 6 मई 2026 तक ही सक्रिय रहेगा। 6 मई की शाम 6 बजे के बाद यह सुविधा स्वतः बंद हो जाएगी। इसके बाद मार्कशीट की छपाई का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसलिए जिन छात्रों को अपने विवरण में कोई त्रुटि नजर आ रही है वे तुरंत अपने स्कूल से संपर्क स्थापित करें ताकि आखिरी मौका हाथ से न निकल जाए।
