येDelhi News: देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान एम्स नई दिल्ली में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। वर्तमान डायरेक्टर डॉ. एम. श्रीनिवास को नीति आयोग का पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया गया है। इस नई जिम्मेदारी के कारण अब उन्हें एम्स के डायरेक्टर का पद छोड़ना पड़ सकता है। खास बात यह है कि डॉ. श्रीनिवास का अभी भी करीब डेढ़ साल का कार्यकाल बाकी था, लेकिन कूटनीतिक और प्रशासनिक फेरबदल ने संस्थान में नए उत्तराधिकारी की तलाश शुरू कर दी है।
डॉ. श्रीनिवास के कार्यकाल में एम्स ने छुए सफलता के नए शिखर
डॉ. एम. श्रीनिवास ने 22 सितंबर 2022 को एम्स दिल्ली की कमान संभाली थी। उनके कुशल नेतृत्व में संस्थान ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल कीं। एम्स ने 2018 से 2025 तक लगातार सात वर्षों तक एनआईआरएफ (NIRF) रैंकिंग में भारत के सर्वश्रेष्ठ मेडिकल संस्थान का दर्जा बरकरार रखा। हालिया ‘ब्रैड फाइनेंस ग्लोबल टॉप 250 हॉस्पिटल्स 2026’ रिपोर्ट में एम्स को दुनिया में छठा स्थान मिला, जो भारतीय चिकित्सा जगत के लिए गौरवपूर्ण क्षण है।
नीति आयोग में नियुक्ति और डॉ. वी.के. पॉल जैसा संयोग
प्रशासनिक गलियारों में इस बदलाव की तुलना डॉ. वी. के. पॉल की नियुक्ति से की जा रही है। डॉ. पॉल भी पहले एम्स के पीडियाट्रिक्स विभाग के प्रमुख थे, जिन्हें नीति आयोग का सदस्य बनने के बाद एम्स छोड़ना पड़ा था। चूंकि डॉ. श्रीनिवास की नियुक्ति भी पूर्णकालिक (Full-time) सदस्य के रूप में हुई है, इसलिए नियमों के मुताबिक वे एक साथ दो पदों पर नहीं रह सकते। अब स्वास्थ्य मंत्रालय को जल्द ही एम्स के भविष्य के लिए बड़ा फैसला लेना होगा।
कार्यकारी डायरेक्टर या नए चेहरे पर टिकी सरकार की नजरें
एम्स के अगले डायरेक्टर के चयन को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। सूत्रों के अनुसार, सरकार फिलहाल दो विकल्पों पर विचार कर रही है। पहला विकल्प किसी वरिष्ठ फैकल्टी मेंबर को तत्काल ‘एक्टिंग डायरेक्टर’ नियुक्त करना है। दूसरा विकल्प किसी अन्य राज्य के एम्स डायरेक्टर को दिल्ली का अतिरिक्त कार्यभार सौंपना हो सकता है। फिलहाल संस्थान के भीतर सीनियर फैकल्टी के नामों पर गहन मंथन चल रहा है ताकि मरीजों की देखभाल और शोध कार्यों में कोई बाधा न आए।
ग्लोबल रैंकिंग में एम्स का बढ़ता कद और चुनौतियां
अंतरराष्ट्रीय मंच पर एम्स की साख लगातार बढ़ रही है। ‘न्यूजवीक इंटरनेशनल रैंकिंग’ में भी एम्स ने टॉप 100 अस्पतालों में 97वां स्थान पाकर अपनी उत्कृष्टता साबित की है। नए डायरेक्टर के सामने इन उपलब्धियों को आगे बढ़ाने और संस्थान की बुनियादी सुविधाओं को और आधुनिक बनाने की बड़ी चुनौती होगी। एम्स प्रशासन और स्वास्थ्य मंत्रालय की टीमें अब सुचारू ट्रांजिशन सुनिश्चित करने के लिए प्रोटोकॉल के अनुसार काम कर रही हैं, ताकि संस्थान की गरिमा और रैंकिंग पर कोई आंच न आए।
