China News: चीन के शानक्सी प्रांत स्थित शीआन यूरेशिया यूनिवर्सिटी में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां खेल समारोह के दौरान डांस परफॉर्मेंस कर रहे ह्यूमेनॉइड रोबोट ने अचानक अपनी जगह से हटकर एक छात्रा को गले लगा लिया। रोबोट सिर्फ डांस के लिए प्रोग्राम किया गया था। इस अप्रत्याशित बर्ताव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना के बाद पूरी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सुरक्षा पर भारी बहस छिड़ गई है।
स्टाफ ने तुरंत छात्रा को रोबोट से छुड़ाया
यह पूरी घटना यूनिवर्सिटी के स्पोर्ट्स मीट की ओपनिंग सेरेमनी के दौरान हुई। मंच पर रोबोट और छात्रों का क्लब मिलकर सांस्कृतिक प्रस्तुति दे रहे थे। अचानक रोबोट ने अपनी लय तोड़ी और पास खड़ी फीमेल डांसर को बाहों में भर लिया। घटना देखते ही वहां मौजूद स्टाफ हरकत में आया और तुरंत रोबोट को छात्रा से दूर किया। गनीमत यह रही कि इस वाकये में छात्रा को किसी तरह की शारीरिक चोट नहीं आई है।
क्या रोबोट में अपनी समझ विकसित हो गई है?
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस बात का पूरी तरह से खंडन किया है कि यह कोई पहले से तय स्टंट था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकारियों ने इसे स्पष्ट रूप से एआई प्रोग्रामिंग की बड़ी गलती माना है। इंटरनेट पर लोग लगातार यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या मशीनों ने अपनी स्वतंत्र चेतना विकसित कर ली है? लेकिन तकनीकी विशेषज्ञों ने मशीन में इंसान जैसी भावनाएं आने की इन सभी अटकलों को केवल एक अफवाह करार दिया है।
सिग्नल में रुकावट को बताया जा रहा मुख्य कारण
यूनिवर्सिटी में इस्तेमाल किया गया यह ह्यूमेनॉइड रोबोट पूर्व छात्र की कंपनी ने खास तौर पर कार्यक्रम के लिए दिया था। जब कंपनी से इस अजीब बर्ताव का कारण पूछा गया, तो उन्होंने ड्रोन सिग्नल को जिम्मेदार ठहराया। कंपनी का कहना है कि उस वक्त आसमान में कई ड्रोन एक साथ उड़ रहे थे। इन ड्रोन्स के मजबूत सिग्नल्स की वजह से रोबोट के सिस्टम में भारी रुकावट आई और उसने अपना मूल कमांड भूलकर यह असामान्य व्यवहार किया।
एआई सेफ्टी और कंट्रोल पर उठने लगे गंभीर सवाल
विशेषज्ञों ने साफ किया है कि स्टेज परफॉर्मेंस वाले रोबोट पहले से तय स्क्रिप्ट पर काम करते हैं। अगर इंसान अपनी जगह से हिल जाए या सिग्नल टूट जाए, तो ऐसे हादसे हो सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि एआई सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। सार्वजनिक स्थानों पर रोबोट्स का इस्तेमाल बढ़ने के साथ ही अब मजबूत सेफ्टी मैकेनिज्म, रिस्क असेसमेंट और इमरजेंसी स्टॉप सिस्टम लागू करने की सख्त जरूरत महसूस हो रही है।
