Himachal News: हिमाचल प्रदेश में स्थानीय सरकार चुनने की घड़ी नजदीक आ गई है। प्रदेश की 3,773 ग्राम पंचायतों में चुनावी महासमर की तैयारी पूरी हो चुकी है। राज्य निर्वाचन आयोग मंगलवार को आधिकारिक रूप से पंचायत चुनावों की तारीखों का एलान कर सकता है। सभी जिलों में मतदाता सूचियां फाइनल होने के बाद आयोग अब अंतिम औपचारिकताएं पूरी कर रहा है। चुनावी कार्यक्रम की घोषणा होते ही पूरे प्रदेश में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयुक्त कल कर सकते हैं बड़ी घोषणा
हिमाचल प्रदेश के राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची मंगलवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं। संभावना जताई जा रही है कि इसी बैठक में पंचायत चुनावों के विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा होगी। आयोग ने चुनावी तैयारियों को लेकर सभी जिलाधिकारियों के साथ पहले ही समीक्षा पूरी कर ली है। अब केवल औपचारिक एलान का इंतजार है। इस घोषणा के साथ ही प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने की उम्मीद है।
3,773 पंचायतों में पांच पदों के लिए होगा महामुकाबला
इस बार हिमाचल प्रदेश की कुल 3,773 पंचायतों में मतदान की प्रक्रिया संपन्न होगी। मतदाता पांच अलग-अलग पदों के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसमें पंचायत प्रधान, उपप्रधान और वार्ड पंच के साथ-साथ पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य का चुनाव शामिल है। ग्रामीण विकास की बागडोर संभालने के लिए उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला होने के आसार हैं। निर्वाचन विभाग ने मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और अन्य सुविधाओं का खाका भी तैयार कर लिया है।
हमीरपुर में मतदाता सूचियां फाइनल, 33 पंचायतों का हुआ पुनर्गठन
हमीरपुर जिले में चुनावी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि 33 ग्राम पंचायतों की संशोधित मतदाता सूचियां प्रकाशित कर दी गई हैं। ये सूचियां 1 अप्रैल, 2026 की अर्हक तिथि के आधार पर तैयार की गई हैं। विभाजन और पुनर्गठन से प्रभावित पंचायतों के रिकॉर्ड को पूरी तरह अपडेट कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सूचियों में अपना नाम अनिवार्य रूप से चेक करें।
पात्र मतदाताओं से सूचियों के अवलोकन की अपील
प्रशासन ने सभी पात्र मतदाताओं से अपनी संबंधित पंचायतों में जाकर मतदाता सूची का अवलोकन करने को कहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक अपने अधिकार से वंचित न रहे। नई सूचियों के प्रकाशन के साथ ही नए मतदाताओं के जुड़ने का काम भी पूरा हो गया है। चुनाव आयोग अब पारदर्शी और शांतिपूर्ण मतदान कराने की दिशा में काम कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में वोटरों का उत्साह देखते ही बन रहा है।
