व्हाइट हाउस डिनर फायरिंग: ट्रंप पर हमले को बताया ‘प्लांटेड’, सोशल मीडिया पर छिड़ी साजिशी दावों की जंग

United States News: व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान हुई फायरिंग की घटना ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। हमले के कुछ ही मिनटों बाद एक्स (ट्विटर), फेसबुक और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर साजिशी थ्योरी (Conspiracy Theories) की बाढ़ आ गई। लाखों यूजर्स बिना किसी सबूत के इस हमले को ‘स्टेज्ड’ यानी पूर्व नियोजित बता रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने इन दावों को पूरी तरह खारिज किया है। डिजिटल युग में सूचनाओं के गलत प्रसार ने इस गंभीर सुरक्षा चूक को एक नए विवाद में बदल दिया है।

वॉशिंगटन हिल्टन में खौफनाक रात: सुरक्षा घेरा तोड़कर चली गोलियां

शनिवार रात वॉशिंगटन हिल्टन में आयोजित हाई-प्रोफाइल डिनर में राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस सहित देश के दिग्गज नेता मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान कैलिफोर्निया के कोल थॉमस एलन नामक संदिग्ध ने सुरक्षा घेरा तोड़कर फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संदिग्ध को हिरासत में ले लिया। इस बीच, सीक्रेट सर्विस ने राष्ट्रपति ट्रंप और अन्य वीवीआईपी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। घटना के बाद पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया, लेकिन इंटरनेट पर दावों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।

इंटरनेट पर ‘स्टेज्ड’ शब्द का शोर: सबूत के बिना दावों की बौछार

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक विश्लेषण रिपोर्ट के अनुसार, रविवार दोपहर तक अकेले एक्स प्लेटफॉर्म पर ‘Staged’ शब्द के साथ तीन लाख से ज्यादा पोस्ट दर्ज किए गए। यूजर्स का एक बड़ा धड़ा इसे ‘फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन’ करार दे रहा है। एक चर्चित साजिशी दावे में कहा गया कि यह हमला व्हाइट हाउस में नए बॉलरूम निर्माण के लिए जनता का समर्थन जुटाने का एक तरीका था। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि ट्रंप ने अपने पहले बयान में बॉलरूम का जिक्र किया था। हालांकि, जांच अधिकारियों ने इसे केवल कल्पना मात्र बताया है।

तकनीकी गड़बड़ी और पुराने बयानों को बनाया गया साजिश का हथियार

सोशल मीडिया पर फॉक्स न्यूज की रिपोर्टर आयशा हस्नी के लाइव कवरेज के दौरान सिग्नल कटने को भी साजिश से जोड़ा गया। यूजर्स ने इसे जानबूझकर की गई सेंसरशिप बताया, जबकि हस्नी ने स्पष्ट किया कि यह केवल नेटवर्क की तकनीकी समस्या थी। इसी तरह, प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट के पुराने मुहावरे ‘शॉट्स विल बी फायर’ को गलत संदर्भ में पेश किया गया। उन्होंने यह बात डिनर में होने वाले हास्य व्यंग्य के लिए कही थी, लेकिन साजिशकर्ताओं ने इसे हमले की अग्रिम चेतावनी के रूप में वायरल कर दिया।

आधिकारिक जांच: विदेशी साजिश के नहीं मिले कोई संकेत

अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर चल रहे इजरायल लिंक या किसी भी विदेशी कनेक्शन के दावों का कोई आधार नहीं है। शुरुआती जांच के मुताबिक, हमलावर कोल थॉमस एलन ने व्यक्तिगत मंशा के तहत इस वारदात को अंजाम दिया। एफबीआई और सीक्रेट सर्विस की संयुक्त टीम संदिग्ध के पुराने रिकॉर्ड और डिजिटल फुटप्रिंट खंगाल रही है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें, क्योंकि ऐसी अफवाहें राष्ट्रीय सुरक्षा और जांच प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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