क्या बंद हो जाएंगी उड़ानें? महंगे हवाई ईंधन से एयरलाइंस बेहाल, सरकार से मांगी तुरंत मदद

New Delhi News: भारत में हवाई यात्रा जल्द ही महंगी हो सकती है। विमानन कंपनियों के संगठन एफआईए ने सरकार से तुरंत मदद मांगी है। एटीएफ की कीमतें तेजी से बढ़ने के कारण पूरा उद्योग भारी दबाव झेल रहा है। एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट ने उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखा है। कंपनियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो उड़ानों का संचालन रोकना पड़ सकता है। आम यात्रियों का खर्च बढ़ेगा।

पश्चिम एशिया के तनाव का सीधा असर

एयरलाइंस का सबसे बड़ा खर्च हवाई ईंधन ही होता है। किसी भी विमानन कंपनी के कुल खर्च का करीब चालीस प्रतिशत हिस्सा एटीएफ पर जाता है। पश्चिम एशिया में चल रहे भारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। इसके अलावा कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र में पाबंदियां लगा दी हैं। ऐसे में विमानों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। लंबे रास्ते की वजह से ईंधन की खपत बढ़ गई है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर सबसे ज्यादा नुकसान

सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए ईंधन बढ़ोतरी को 15 रुपये प्रति लीटर तक सीमित किया है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यह वृद्धि 73 रुपये तक पहुंच गई है। इस बड़े अंतर से विदेशी उड़ानें काफी महंगी हो गई हैं और एयरलाइंस नुकसान उठा रही हैं। कंपनियों ने मांग की है कि दोनों उड़ानों के लिए कीमत समान हो। इसके अलावा विमानन ईंधन पर लगने वाले 11 प्रतिशत उत्पाद शुल्क को भी तुरंत हटाने की मांग की गई है।

रुपये की कमजोरी से संकट हुआ और गहरा

भारतीय रुपये की कमजोरी ने विमानन कंपनियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कमजोर रुपये की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भुगतान करना महंगा हो गया है। एफआईए का साफ कहना है कि अगर वर्तमान स्थिति लंबे समय तक जारी रही, तो पूरा विमानन नेटवर्क बुरी तरह टूट सकता है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बीच का वित्तीय संतुलन बिगड़ चुका है। सरकार को इस अहम उद्योग को बचाने के लिए जल्द राहत और सही नीतियां लागू करनी होंगी।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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