ओमान के पास तेल टैंकर पर ईरान ने की ताबड़तोड़ फायरिंग! क्या सभी भारतीय नाविक हैं सुरक्षित?

New Delhi News: ओमान के पास समुद्र में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया है। ईरानी बलों ने टोगो के झंडे वाले एक तेल और रसायन टैंकर पर अचानक फायरिंग कर दी। इस जहाज पर सत्रह भारतीय नाविक मौजूद थे। भारत सरकार ने सोमवार को इस गंभीर घटना की पुष्टि की है। राहत की बात यह है कि सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है और भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर रख रही है।

ईरानी तटरक्षक बल ने दी चेतावनी

बंदरगाह और पोत परिवहन मंत्रालय के निदेशक मनदीप सिंह रंधावा ने इस घटना की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह घटना पच्चीस अप्रैल को घटी थी। जहाज ‘एमटी चिरोन-7’ ओमान के शिनास बंदरगाह के बाहरी इलाके में गुजर रहा था। तभी ईरानी तटरक्षक बल वहां पहुंच गए। ईरानी बलों ने कुछ जहाजों को रोका और उन्हें चेतावनी देने के लिए गोलियां चला दीं। गनीमत रही कि इस फायरिंग में किसी भी जहाज या क्रू मेंबर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

लगातार संपर्क में है भारत सरकार

घटना के तुरंत बाद भारत सरकार सक्रिय हो गई है। अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी भारतीय झंडे वाले जहाज पर कोई असर नहीं पड़ा है। मंत्रालय अब विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावासों के साथ मिलकर काम कर रहा है। नौवहन महानिदेशालय के नियंत्रण कक्ष में लगातार फोन आ रहे हैं। पिछले चौबीस घंटों में करीब आठ हजार कॉल और सोलह हजार ईमेल प्राप्त हुए हैं। सरकार दो हजार से ज्यादा भारतीय जहाजों के साथ सीधा संपर्क बनाए हुए है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर फंसा है पेंच

इस तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के सामने एक नया प्रस्ताव रखा है। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए तैयार है। लेकिन उसकी शर्त है कि अमेरिका अपनी नाकेबंदी तुरंत खत्म करे। ईरान ने कहा है कि परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत बाद में की जा सकती है। पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति के इस प्रस्ताव को स्वीकार करने की संभावना बहुत कम नजर आ रही है।

अमेरिका और ईरान में क्यों है तकरार

अमेरिका और ईरान के बीच तेल व्यापार को लेकर पुराना विवाद है। होर्मुज के रास्ते दुनिया का अहम तेल और गैस व्यापार होता है। अमेरिकी नाकेबंदी का मुख्य उद्देश्य ईरान को अपना तेल बेचने से रोकना है। अमेरिका चाहता है कि ईरान का राजस्व पूरी तरह बंद हो जाए। इसके कारण तेहरान के पास तेल भंडारण के लिए जगह कम पड़ने लगी है। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रूस की अहम यात्रा पर मॉस्को पहुंच गए हैं।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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