सिंघम vs जहांगीर: वोटिंग से पहले भड़के टीएमसी उम्मीदवार ने आईपीएस अजयपाल शर्मा के ‘काले अतीत’ को क्यों कुरेदा?

South 24 Parganas News: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले फलता विधानसभा क्षेत्र का राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच गया है। चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में तैनात चर्चित आईपीएस अधिकारी अजयपाल शर्मा द्वारा की गई छापेमारी ने एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। इसके विरोध में टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने मोर्चा खोलते हुए अधिकारी की साख पर ही सवालिया निशान लगा दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग जानबूझकर विवादित अधिकारियों को बंगाल भेजकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।

आईपीएस अजयपाल शर्मा के यूपी कनेक्शन पर बवाल

जहांगीर खान ने न्यूज़18 इंडिया को दिए विशेष इंटरव्यू में अजयपाल शर्मा के अतीत को लेकर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता को यह जानना चाहिए कि दिल्ली से भेजे गए ये अधिकारी असल में कौन हैं। उन्होंने आईपीएस शर्मा का नाम उत्तर प्रदेश के चर्चित ‘ट्रांसफर-पोस्टिंग’ खेल से जोड़ा। जहांगीर ने सवाल उठाया कि क्या चुनाव आयोग को बंगाल भेजने के लिए केवल दागी अधिकारी ही मिले थे? उन्होंने अधिकारी के निजी जीवन से जुड़े पुराने विवादों को भी चुनावी मुद्दा बना दिया।

वर्दी का खौफ नहीं, जनता के प्रति हूं जवाबदेह

टीएमसी उम्मीदवार ने छापेमारी के दौरान अजयपाल शर्मा द्वारा दिखाए गए सख्त तेवरों का कड़ा जवाब दिया। जहांगीर खान ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें किसी वर्दी या ‘दिल्ली वाले सिंघम’ का कोई डर नहीं है। उन्होंने दावा किया कि वे केवल पश्चिम बंगाल की उस जनता से डरते हैं, जिसके लिए वे दिन-रात सेवा करते हैं। जहांगीर के अनुसार, केंद्रीय बलों और पर्यवेक्षकों का इस्तेमाल करके इलाके में दहशत फैलाई जा रही है ताकि डरा-धमका कर मतदान के प्रतिशत को कम किया जा सके।

कोर्ट और मानवाधिकार आयोग तक जाएगा मामला

जहांगीर खान ने इस पूरे विवाद को कानूनी रंग देने के संकेत दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि वे आईपीएस अधिकारी अजयपाल शर्मा के खिलाफ जल्द ही अदालत और मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटा सकते हैं। बंगाल की राजनीति में नेताओं और नौकरशाहों का टकराव पुराना है, लेकिन व्यक्तिगत विवादों को जिस तरह सार्वजनिक मंच पर घसीटा गया है, उसने मुकाबले को और अधिक कड़वा बना दिया है। टीएमसी कार्यकर्ताओं ने अपने नेता के पक्ष में मोर्चा संभाल लिया है और विरोध प्रदर्शन तेज कर दिए हैं।

बीजेपी ने टीएमसी उम्मीदवार के बयानों की निंदा की

इस पूरे प्रकरण पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बीजेपी नेताओं ने जहांगीर खान के बयानों को ‘पुलिस का मनोबल गिराने वाली ओछी हरकत’ करार दिया है। विपक्ष का तर्क है कि टीएमसी हार के डर से संवैधानिक संस्थाओं और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को निशाना बना रही है। फलता में माहौल फिलहाल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि कल होने वाले मतदान में जनता जहांगीर खान के ‘जनता कार्ड’ पर भरोसा करती है या चुनाव आयोग की ‘सख्ती’ असर दिखाती है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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