New Delhi News: देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव खत्म हो चुके हैं। मतदान के बाद तमाम एजेंसियों के एग्जिट पोल सामने आ गए हैं। इन सर्वे में बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी की चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। सबसे दिलचस्प मुकाबला पश्चिम बंगाल में देखने को मिला है। वहां ममता बनर्जी और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर नजर आ रही है। चार मई को इन सभी जगहों के अंतिम चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।
बंगाल में सत्ता की सबसे रोमांचक जंग
पश्चिम बंगाल में एग्जिट पोल के आंकड़े काफी हैरान करने वाले हैं। कुछ एजेंसियों ने भाजपा को बहुमत मिलने का अनुमान जताया है। वहीं कुछ अन्य सर्वे में तृणमूल कांग्रेस को बड़ी बढ़त दिखाई गई है। एक्सिस और मैट्रिज जैसे पोल्स भाजपा को राज्य में सबसे बड़ी पार्टी मान रहे हैं। दूसरी ओर पीपुल्स पल्स ने ममता बनर्जी की शानदार वापसी की भविष्यवाणी की है। राज्य की दो सौ चौरानवे सीटों पर स्पष्ट बहुमत के लिए एक सौ अड़तालीस सीटों की दरकार होती है।
असम में भाजपा लगा सकती है जीत की हैट्रिक
असम विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल पूरी तरह एकतरफा नतीजे दिखा रहे हैं। यहां भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन लगातार तीसरी बार सरकार बना सकता है। प्रमुख सर्वे के अनुसार एनडीए आसानी से नब्बे का जादुई आंकड़ा पार कर लेगा। राज्य की एक सौ छब्बीस सीटों में कांग्रेस गठबंधन काफी पीछे छूटता दिख रहा है। उसे केवल पच्चीस से तीस सीटें मिलने का अनुमान है। असम के मतदाताओं ने फिर से हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व पर अपना पूरा भरोसा जताया है।
केरल में दस साल बाद हो सकता है सत्ता परिवर्तन
केरल के चुनावी सर्वे वामपंथी गठबंधन एलडीएफ के लिए बहुत बड़ा झटका साबित हो रहे हैं। एग्जिट पोल के अनुसार राज्य में दस साल बाद अहम सत्ता परिवर्तन हो सकता है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन की जोरदार वापसी होती दिख रही है। एक सौ चालीस सीटों वाली विधानसभा में यूडीएफ आसानी से पूर्ण बहुमत पा सकता है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की सरकार को एंटी इनकंबेंसी का भारी नुकसान हुआ है। राज्य में भाजपा का खाता खुलने की उम्मीद बहुत कम है।
तमिलनाडु में स्टालिन और पुडुचेरी में एनडीए का जलवा
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री स्टालिन का जादू एक बार फिर चलता दिख रहा है। सर्वे के अनुसार डीएमके गठबंधन भारी बहुमत के साथ सत्ता में आसानी से लौटेगा। अभिनेता विजय की नई पार्टी भी वहां अपना प्रभाव छोड़ सकती है। दूसरी ओर पुडुचेरी में एनडीए गठबंधन लगातार दूसरी बार सरकार बनाने जा रहा है। तीस सीटों वाली पुडुचेरी विधानसभा में एनडीए सोलह से बीस सीटें जीत सकता है। कांग्रेस वहां फिर से सत्ता हासिल करने में नाकाम रही है।
