Bihar News: भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में हुए चर्चित हत्याकांड ने अब एक नया और खौफनाक मोड़ ले लिया है। पुलिस इस मामले में लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। वहीं दूसरी तरफ मृतक की बेटी ने पुलिस प्रशासन पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। बेटी का दावा है कि उसके पिता ने खुद थाने में सरेंडर किया था। लेकिन पुलिस ने उन्हें गोली मारकर फर्जी एनकाउंटर कर दिया। इस बड़े दावे के बाद पूरे बिहार में हड़कंप मच गया है।
आत्मसमर्पण के बाद एनकाउंटर का चौंकाने वाला दावा
मृतक राजधानी यादव की बेटी प्रियंका कुमारी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रियंका ने बताया कि हत्याकांड के तुरंत बाद उनके पिता ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें बेरहमी से मार गिराया। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरी दहशत में डाल दिया है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस न्याय के नाम पर सिर्फ अपनी मनमानी कर रही है। यह सीधा सीधा एक प्रायोजित और फर्जी एनकाउंटर है।
एफआईआर में नाम नहीं, फिर भी परिवार को प्रताड़ना
परिजनों ने पुलिस पर बेगुनाहों को फंसाने का एक और बड़ा आरोप लगाया है। प्रियंका ने स्पष्ट किया कि एफआईआर में उनकी मां और भाई का नाम बिल्कुल दर्ज नहीं है। इसके बाद भी पुलिस उन्हें लगातार ढूंढ रही है। पुलिस निर्दोष सदस्यों को थाने ले जाकर शारीरिक और मानसिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित कर रही है। मौके पर मौजूद सभी रिश्तेदारों ने इसे पुलिस की बदले की भावना बताया है। पुलिस की यह कार्रवाई बहुत ही अन्यायपूर्ण है।
परिजनों ने सरकार से लगाई निष्पक्ष न्याय की गुहार
पीड़ित परिवार ने बिहार सरकार और बड़े पुलिस अधिकारियों से तुरंत न्याय की अपील की है। बेटी प्रियंका ने मांग की है कि असली अपराधियों को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा जरूर मिले। लेकिन न्याय की आड़ में बेगुनाह लोगों को परेशान करना तुरंत बंद होना चाहिए। परिवार कानून का पूरा सम्मान करता है और वे न्याय के बिल्कुल खिलाफ नहीं हैं। वे बस यह चाहते हैं कि इस पूरे हत्याकांड और एनकाउंटर की एक निष्पक्ष जांच हो।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की चुप्पी से गहराया रहस्य
परिवार के इन संगीन आरोपों के बाद मामले की सच्चाई जानने का प्रयास किया गया। भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव से इस संबंध में संपर्क करने की कई कोशिशें हुईं। लेकिन पुलिस प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अधिकारियों की इस चुप्पी ने मामले को और भी अधिक रहस्यमयी बना दिया है। पुलिस का स्पष्ट पक्ष आने के बाद ही इस पूरे विवाद की असली सच्चाई जनता के सामने आ सकेगी।


