Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके में एकतरफा प्यार के जुनून ने दो हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया है। जखीरा क्षेत्र में हुए एक भीषण खूनी संघर्ष में जीजा और साले की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस हमले की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक युवक के सिर में चाकू इस कदर घोंपा गया कि उसका ब्लेड अंदर ही टूट गया। फिलहाल एक अन्य युवक वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है।
वारदात में दो की मौत और एक घायल कोमा में
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस हिंसा में मोहम्मद मंसूर और उनके जीजा मोहम्मद इम्तियाज की मौके पर ही मौत हो गई। हमले के दौरान मंसूर का भाई मोहम्मद समीर भी गंभीर रूप से जख्मी हुआ है। डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी के जरिए समीर के मस्तिष्क में फंसे चाकू के टुकड़े को बाहर निकाल दिया है। हालांकि, समीर की हालत अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है और वह कोमा में है। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
एकतरफा लगाव और पुरानी रंजिश बनी मौत का कारण
जांच अधिकारियों के मुताबिक, इस दोहरे हत्याकांड के पीछे एकतरफा प्रेम प्रसंग की रंजिश सामने आ रही है। मृतक मोहम्मद मंसूर पड़ोस में रहने वाली एक युवती सबीना को पसंद करता था। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद जब मंसूर और उसके परिजन घर लौट रहे थे, तभी दोनों गुटों के बीच विवाद बढ़ गया और यह हिंसक झड़प में तब्दील हो गया।
दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे और क्रॉस एफआईआर
घटना के बाद सबीना के पक्ष ने आरोप लगाया कि मंसूर और उसके साथियों ने हथियारों के साथ उनके घर पर हमला किया था। उन्होंने दावा किया कि बचाव के दौरान हुई हाथापाई में उनके पक्ष के अरमान और सबीना को चोटें आईं। दूसरी ओर, मंसूर के परिजनों का कहना है कि वे शांति से लौट रहे थे, तभी दूसरे पक्ष ने उन पर घात लगाकर हमला किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता देखते हुए दोनों तरफ की शिकायतों पर ‘क्रॉस एफआईआर’ दर्ज कर ली है।
पुलिस की कार्रवाई और बिहार तक जुड़े तार
सराय रोहिल्ला थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सबीना, इमरान और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि हत्या में इस्तेमाल अन्य हथियारों को बरामद किया जा सके। ये दोनों ही परिवार मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले के रहने वाले हैं और दिल्ली में मेहनत-मजदूरी करते थे। पुलिस अब इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि संघर्ष की शुरुआत वास्तव में किस तरफ से हुई थी।
उजड़ गए सुहाग और मासूम बच्चों के सिर से उठा साया
इस भयावह वारदात ने न केवल दो जानें ली हैं, बल्कि कई मासूम बच्चों को अनाथ कर दिया है। इम्तियाज और मंसूर की मौत के बाद उनके घरों में मातम पसरा हुआ है और छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मामूली विवाद को बातचीत से सुलझाया जा सकता था, लेकिन गुस्से और जिद ने सब कुछ खत्म कर दिया। पुलिस अब इस मामले में कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।


