Delhi News: राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन की तस्वीर बदलने वाली है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) के स्थापना दिवस पर रविवार को फेज-5B के तहत बड़ी परियोजनाओं की घोषणा हो सकती है। इस महत्वाकांक्षी योजना में दिल्ली-एनसीआर के लिए कुल 15 नए कॉरिडोर प्रस्तावित हैं, जिनमें से 7 कॉरिडोर अकेले दिल्ली में बनेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में होने वाले इस कार्यक्रम से मेट्रो विस्तार को नई रफ्तार मिलेगी। इससे लाखों यात्रियों का सफर बेहद आसान और तेज हो जाएगा।
97 किमी लंबा नेटवर्क और 65 नए स्टेशनों की सौगात
फेज-5B परियोजना के तहत करीब 97 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो जाल बिछाने की तैयारी है। दिल्ली में प्रस्तावित इन 7 नए कॉरिडोर पर कुल 65 स्टेशन बनाए जाएंगे। इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत 48,204.56 करोड़ रुपये आंकी गई है। सरकार की रणनीति फेज-4 का काम खत्म होते ही फेज-5 के निर्माण को गति देने की है। योजना के अनुसार, चार प्रमुख कॉरिडोर को साल 2029 तक प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इन प्रमुख रूटों पर दौड़ेगी मेट्रो, जानें अपना नया स्टेशन
प्रस्तावित नए कॉरिडोर में कई महत्वपूर्ण इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। इसमें मयूर विहार फेज-3 से शास्त्री पार्क (13.19 किमी) और सेंट्रल विस्टा से वसंत कुंज (14.5 किमी) जैसे रूट शामिल हैं। इसके अलावा समयपुर बादली से नरेला स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स (11.6 किमी) और मायापुरी से कश्मीरी गेट (12 किमी) तक कनेक्टिविटी बढ़ेगी। फरीदाबाद के यात्रियों के लिए सीजीओ कॉम्प्लेक्स से सूर्य विहार तक 18 किमी लंबा कॉरिडोर बनाने की विशेष योजना तैयार की गई है।
फेज-5A के बाद फेज-5B से दिल्ली-एनसीआर की बदलेगी रंगत
केंद्र सरकार पहले ही फेज-5A के तहत तीन महत्वपूर्ण कॉरिडोर को अपनी मंजूरी दे चुकी है। इनमें एरोसिटी-एयरपोर्ट टर्मिनल-1, कालिंदी कुंज-बॉटनिकल गार्डन और आरके आश्रम-इंद्रलोक कॉरिडोर शामिल हैं। इन पर फिलहाल निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। अब फेज-5B के नए प्रस्तावों से दिल्ली के बाहरी और घनी आबादी वाले इलाकों को भी मुख्य नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि यह विस्तार न केवल ट्रैफिक जाम कम करेगा बल्कि प्रदूषण को घटाने में भी सहायक होगा।
2029 तक पूरा होगा प्रथम चरण का लक्ष्य
डीएमआरसी ने अपनी भविष्य की योजनाओं को दो हिस्सों में बांटा है। पहले चरण में उन चार कॉरिडोर पर ध्यान दिया जाएगा जहां यात्रियों का दबाव सबसे अधिक है। इन कॉरिडोर का काम 2029 तक पूरा करने की समयसीमा तय की गई है। बाकी बचे तीन कॉरिडोर का निर्माण कार्य दूसरे चरण में शुरू किया जाएगा। स्थापना दिवस के मौके पर दिल्ली सरकार इन परियोजनाओं के वित्तीय ढांचे और निर्माण की विस्तृत समयसीमा को लेकर आधिकारिक घोषणा कर सकती है।


