DeepSeek और चीनी कंपनियों पर अमेरिका का बड़ा प्रहार, डेटा चोरी को लेकर दुनिया भर में जारी किया अलर्ट

New Delhi News: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में डेटा चोरी को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने एक वैश्विक मुहिम शुरू करने का आदेश दिया है, जिसका उद्देश्य दुनिया को यह बताना है कि DeepSeek जैसी चीनी कंपनियां अमेरिकी एआई लैब्स से बड़े पैमाने पर डेटा चुरा रही हैं। शुक्रवार को दुनिया भर के राजनयिक मिशनों को भेजे गए एक गोपनीय केबल में निर्देश दिया गया है कि वे विदेशी सरकारों के साथ इस ‘डिस्टिलेशन’ (Distillation) तकनीक के खतरों पर चर्चा करें, जिसके जरिए चीनी कंपनियां सस्ते में शक्तिशाली एआई मॉडल तैयार कर रही हैं।

एंथ्रोपिक ने खोली चीनी कंपनियों की पोल

अमेरिकी सरकार की यह सख्त कार्रवाई ‘एंथ्रोपिक’ (Anthropic) की उस शिकायत के बाद आई है, जिसमें उसने तीन प्रमुख चीनी कंपनियों—DeepSeek, मूनशॉट एआई (Moonshot AI) और मिनीमैक्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एंथ्रोपिक का दावा है कि ये कंपनियां उसके क्लॉड (Claude) चैटबॉट का गुप्त रूप से इस्तेमाल कर अपने मॉडल्स को प्रशिक्षित कर रही हैं। यह कॉर्पोरेट कानूनों और सेवा शर्तों का सीधा उल्लंघन है, जिससे अमेरिकी बौद्धिक संपदा को भारी खतरा पैदा हो गया है।

1.6 करोड़ बार किया गया अवैध संवाद

एंथ्रोपिक ने अपने ब्लॉग पोस्ट में खुलासा किया कि इन चीनी प्रयोगशालाओं ने लगभग 24,000 फर्जी खातों के माध्यम से क्लॉड एआई के साथ 1.6 करोड़ (16 मिलियन) से अधिक बार संवाद किया। इस औद्योगिक स्तर के अभियान का मकसद क्लॉड की क्षमताओं को अवैध रूप से निकालकर अपने स्वयं के मॉडल को बेहतर बनाना था। विशेष रूप से मूनशॉट एआई ने 34 लाख से अधिक बार इंटरैक्शन किया, जिसमें कोडिंग, डेटा विश्लेषण और कंप्यूटर विजन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को निशाना बनाया गया।

अमेरिकी विदेश विभाग की कड़ी चेतावनी

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश विभाग ने चेतावनी दी है कि अनधिकृत डिस्टिलेशन अभियानों से विकसित एआई मॉडल विदेशी ताकतों को बहुत कम लागत में शक्तिशाली उत्पाद जारी करने में सक्षम बनाते हैं। केबल में कहा गया है कि यह डेटा चोरी अमेरिकी एआई मॉडल्स के प्रभुत्व को चुनौती देने का एक सुनियोजित प्रयास है। अमेरिकी सरकार अब इन चीनी फर्मों के खिलाफ संभावित दंडात्मक कार्रवाई के लिए आधार तैयार कर रही है और वैश्विक भागीदारों को इसके जोखिमों के प्रति सचेत कर रही है।

Hot this week

Related News

Popular Categories