ईरान का अमेरिका को 14-सूत्रीय ‘अल्टीमेटम’: जंग खत्म करने के लिए रखीं ये सख्त शर्तें, ट्रंप के जवाब ने बढ़ाई धक-धक

World News: ईरान और अमेरिका के बीच दशकों से जारी तनातनी अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। ईरान ने वॉशिंगटन को एक विस्तृत 14-सूत्रीय जवाबी प्रस्ताव भेजा है, जो महज परमाणु समझौतों तक सीमित न रहकर एक व्यापक भू-राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए भेजे गए इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच दशकों पुरानी दुश्मनी को स्थायी रूप से खत्म करना है। तेहरान का यह नया रुख पिछली वार्ताओं की तुलना में कहीं अधिक आक्रामक और स्पष्ट है।

30 दिनों में निर्णायक समाधान की मांग, अस्थायी सीजफायर ठुकराया

ईरान ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित दो महीने के अस्थायी सीजफायर को सीधे तौर पर खारिज कर दिया है। तेहरान ने इसके बजाय 30 दिनों के भीतर सभी मुख्य मुद्दों को सुलझाने पर जोर दिया है। तसनीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरान अब अस्थायी समझौतों के बजाय एक निर्णायक और ठोस समाधान चाहता है। यह बदलाव दर्शाता है कि ईरान अब अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की मेज पर लंबे इंतजार के मूड में नहीं है और जल्द परिणाम चाहता है।

अमेरिकी सेना की वापसी और सुरक्षा गारंटी पर ईरान अड़ा

ईरान के नए प्रस्ताव का दायरा पहले से काफी बड़ा है। इसमें भविष्य में होने वाले किसी भी अमेरिकी हमले के विरुद्ध ठोस सुरक्षा गारंटी मांगी गई है। साथ ही, ईरान ने क्षेत्र से अमेरिकी सेना की पूर्ण वापसी और होर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों से नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की शर्त रखी है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने इसे ‘थोपे गए युद्ध’ को हमेशा के लिए समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास बताया है।

जब्त संपत्ति की वापसी और आर्थिक नुकसान का मुआवजा

आर्थिक मोर्चे पर भी ईरान ने अपनी मांगों को काफी कड़ा कर दिया है। जहां पहले बातचीत केवल प्रतिबंधों में ढील देने तक सीमित थी, वहीं अब ईरान ने सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाने की मांग की है। इसके अलावा, तेहरान ने अपनी जब्त की गई संपत्तियों को जारी करने और वर्षों से चले आ रहे आर्थिक प्रतिबंधों व सैन्य दबाव के कारण हुए नुकसान के लिए भारी मुआवजे की भी मांग की है।

लेबनान सहित सभी मोर्चों पर शांति की बड़ी शर्त

क्षेत्रीय स्तर पर ईरान ने एक बड़ा कूटनीतिक कार्ड खेला है। उसने इस समझौते को लेबनान सहित सभी क्षेत्रीय मोर्चों पर संघर्ष समाप्त करने से जोड़ दिया है। यह ईरान के पुराने रुख से बिल्कुल अलग है, क्योंकि पहले वह अपने क्षेत्रीय सहयोगियों और प्रॉक्सी नेटवर्क को औपचारिक बातचीत का हिस्सा बनाने से इनकार करता रहा है। अब तेहरान अपनी पूरी क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था को अमेरिका के साथ बातचीत की मेज पर ले आया है।

ट्रंप का संशय भरा जवाब और सैन्य कार्रवाई की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस विस्तृत प्रस्ताव पर बेहद सावधानी से प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने प्रस्ताव की समीक्षा करने की बात तो कही, लेकिन साथ ही ईरान की मंशा पर संदेह भी जताया। ट्रंप का कहना है कि ईरान ने अपनी हरकतों की अब तक पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे शांति के पक्ष में हैं, लेकिन सैन्य कार्रवाई का विकल्प अभी भी पूरी तरह खुला हुआ है।

ओमान से इस्लामाबाद तक बेनतीजा वार्ताओं का दौर

यह नया प्रस्ताव ओमान, जिनेवा और इस्लामाबाद में हुई कई बेनतीजा वार्ताओं के बाद सामने आया है। वर्तमान में 8 अप्रैल से एक नाजुक संघर्ष-विराम लागू है, जो 28 फरवरी को बढ़े तनाव के बाद प्रभावी हुआ था। अब पूरी दुनिया की नजरें वॉशिंगटन पर टिकी हैं कि वह ईरान की इन बढ़ी हुई मांगों पर बातचीत के लिए राजी होता है या एक बार फिर दबाव और कड़े प्रतिबंधों की पुरानी रणनीति अपनाता है।

Hot this week

Related News

Popular Categories