Delhi News: उत्तर-पश्चिम दिल्ली में पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए घर-घर जाकर किराएदारों और घरेलू सहायकों के सत्यापन (Verification) का महत्व समझाया है। हाल ही में हुई करोड़ों की चोरी की वारदातों के बाद पुलिस ने यह विशेष अभियान शुरू किया है। इस ड्राइव के दौरान पुलिस न केवल लोगों को जागरूक कर रही है, बल्कि मौके पर जाकर किराएदारों और सहायकों के दस्तावेजों की गहन जांच भी कर रही है। जिलेभर में चलाई जा रही इस मुहिम का उद्देश्य आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाना है।
शातिर सहायिका ने उड़ाए थे डेढ़ करोड़ के जेवर
पुलिस की इस सक्रियता के पीछे हाल ही में हुई दो बड़ी घटनाएं हैं। शालीमार बाग में एक घरेलू सहायिका ने व्यवसायी के घर से डेढ़ करोड़ रुपये के आभूषण चोरी कर लिए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि इसी महिला ने छह महीने पहले भी एक करोड़ की चोरी की थी। गिरफ्तारी के बाद पता चला कि आरोपी महिला ‘सोना उर्फ सोनिया’ के 15 अलग-अलग बैंकों में गोल्ड लोन अकाउंट हैं, जिनमें दो किलोग्राम सोना जमा था। इन घटनाओं ने पुलिस और जनता दोनों को सतर्क कर दिया है।
किराएदार और सहायक के सत्यापन की पूरी प्रक्रिया
पुलिस के अनुसार, सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सत्यापन की प्रक्रिया अनिवार्य है। इसके लिए मकान मालिक या नियोक्ता नजदीकी पुलिस स्टेशन जा सकते हैं या दिल्ली पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं। फॉर्म में किराएदार या सहायक का पूरा नाम, स्थायी पता, मोबाइल नंबर, फोटो और [Aadhaar Redacted] या वोटर आईडी जैसे पहचान पत्रों की प्रति संलग्न करनी होती है। फॉर्म जमा होने के बाद पुलिस रिकॉर्ड की जांच कर सत्यापन रिपोर्ट जारी करती है।
ऑनलाइन सत्यापन के आसान स्टेप्स
डिजिटल इंडिया के दौर में दिल्ली पुलिस ने सत्यापन की प्रक्रिया को ऑनलाइन और आसान बना दिया है। इसके लिए दिल्ली पुलिस की ‘सिटीजन सर्विसेज’ पोर्टल पर जाकर ‘किराएदार व घरेलू सहायक वैरिफिकेशन’ सेक्शन को चुनना होता है। वहां ऑनलाइन फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेज अपलोड किए जा सकते हैं। किसी भी प्रकार की सहायता या संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने के लिए नागरिक सीधे हेल्पलाइन नंबर 112 डायल कर सकते हैं।
नियम उल्लंघन पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किराएदार या नौकर रखने पर उनका सत्यापन न कराना कानूनी रूप से भारी पड़ सकता है। यदि मकान मालिक या नियोक्ता सत्यापन नहीं कराते हैं, तो उन पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही, गलत जानकारी देने पर आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। पुलिस ने सुझाव दिया है कि जब भी किराएदार या घरेलू सहायक बदला जाए, तो उसकी नई सिरे से पुलिस रिपोर्ट और सत्यापन अवश्य कराएं।
सावधानी ही सुरक्षा: बहानेबाजी से रहें सतर्क
चोरी की हालिया वारदातों में एक बात समान थी कि आरोपियों ने पहचान पत्र मांगने पर बहानेबाजी की थी। पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि जब तक सहायक या किराएदार [Aadhaar Redacted] या अन्य वैध पहचान पत्र न दे, तब तक उन्हें घर में जगह न दें। पहले दिन की सतर्कता भविष्य के बड़े नुकसान से बचा सकती है। प्रशासन अब भारत नगर और राणा प्रताप बाग जैसे इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाकर सुनिश्चित कर रहा है कि कोई भी व्यक्ति बिना पुलिस रिकॉर्ड के क्षेत्र में न रहे।


