New Delhi News: आम आदमी पार्टी (AAP) का दामन छोड़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। चड्ढा कल यानी 5 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। इस हाई-प्रोफाइल बैठक के दौरान वे पंजाब में राज्य मशीनरी के कथित दुरुपयोग और दल-बदल करने वाले सांसदों के खिलाफ हो रहे राजनीतिक प्रतिशोध का मामला उठाएंगे। यह कदम पंजाब और दिल्ली की सियासत में एक बड़े भूचाल के तौर पर देखा जा रहा है।
राष्ट्रपति भवन में सुबह 10:40 बजे होगी अहम बैठक
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राघव चड्ढा सुबह 10:40 बजे राष्ट्रपति भवन पहुंचेंगे। उनके साथ भाजपा में शामिल हुए तीन अन्य सांसद भी मौजूद रहेंगे। चड्ढा का आरोप है कि पंजाब की वर्तमान सरकार उन नेताओं को निशाना बना रही है जिन्होंने पार्टी छोड़ी है। इस मुलाकात में वे राष्ट्रपति को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपेंगे, जिसमें राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों के हनन का जिक्र होने की पूरी संभावना है।
“AAP अब व्यक्तिगत लाभ की पार्टी”: चड्ढा का तीखा वार
भाजपा की सदस्यता लेने के करीब 10 दिन बाद चड्ढा ने अपनी पूर्व पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने 15 साल तक अपना खून-पसीना एक कर जिस ‘आप’ को खड़ा किया था, वह अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है। चड्ढा के अनुसार, पार्टी अब राष्ट्रहित के बजाय व्यक्तिगत लाभ के एजेंडे पर चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नैतिकता और मूल्यों के पतन के कारण ही उन्हें यह कठिन निर्णय लेना पड़ा।
दो-तिहाई सांसदों के विलय का किया दावा
राघव चड्ढा ने राजनीतिक हलकों में खलबली मचाते हुए दावा किया कि राज्यसभा में ‘आप’ के दो-तिहाई से अधिक सांसदों का भाजपा में विलय हो चुका है। उनके अनुसार, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, और संदीप पाठक समेत कुल 7 सांसद अब भाजपा का हिस्सा हैं। चड्ढा का कहना है कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत यह विलय पूरी तरह वैध है। अब सबकी नजरें राष्ट्रपति के साथ होने वाली इस मुलाकात और उसके बाद निकलने वाले राजनीतिक निष्कर्षों पर टिकी हैं।


