विधानसभा चुनाव परिणाम: बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम के नतीजों से तय होगी देश की नई राजनीतिक दिशा

New Delhi News: पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित किए जाएंगे। पुडुचेरी के अलावा बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम के परिणाम भारतीय राजनीति पर गहरा असर डालेंगे। सोमवार सुबह आठ बजे से मतों की गिनती शुरू हो जाएगी। सभी मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इन चुनावी नतीजों से कई बड़े राजनीतिक दलों का भविष्य तय होगा। ज्यादातर एग्जिट पोल में भाजपा को बढ़त मिलने का अनुमान जताया गया है।

बंगाल में ममता बनर्जी और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर

पूरे देश की नजरें सबसे ज्यादा बंगाल के चुनाव परिणामों पर टिकी हैं। यहां तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है। यदि ममता बनर्जी अपनी सत्ता बचाने में सफल रहती हैं, तो क्षेत्रीय दलों को बड़ी ताकत मिलेगी। वहीं भाजपा की जीत से क्षेत्रीय दलों के अजेय होने का भ्रम टूट जाएगा। अधिकांश एग्जिट पोल बंगाल में भाजपा को आगे दिखा रहे हैं। इससे केंद्र में भाजपा की स्थिति और मजबूत होने की पूरी उम्मीद है।

केरल में यूडीएफ की जीत का प्रबल अनुमान

केरल विधानसभा चुनाव के नतीजे वामपंथी दलों का भविष्य तय करेंगे। एग्जिट पोल के अनुसार यहां माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ की करारी हार हो सकती है। अगर ऐसा हुआ तो कई दशकों बाद देश में कोई वामपंथी सरकार नहीं बचेगी। लगातार दस साल की विजयन सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर साफ दिख रही है। यहां यूडीएफ की जीत का अनुमान है। इसके साथ ही भाजपा को भी राज्य में कुछ विधानसभा सीटें मिलने की भारी उम्मीद है।

तमिलनाडु की राजनीति में बड़े उलटफेर की संभावना

तमिलनाडु में इस बार राजनीति पूरी तरह करवट ले सकती है। विजय की नई पार्टी टीवीके का प्रदर्शन द्रमुक और अन्नाद्रमुक के पांच दशक पुराने वर्चस्व को तोड़ सकता है। एक प्रमुख एग्जिट पोल ने टीवीके के अपने दम पर सत्ता में आने का दावा किया है। बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में कांग्रेस द्रमुक का साथ छोड़ सकती है। जरूरत पड़ने पर अन्नाद्रमुक भी द्रमुक को सत्ता से बाहर रखने के लिए नए राजनीतिक समीकरण बना सकती है।

असम में लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार की उम्मीद

असम में भाजपा की लगातार तीसरी जीत का अनुमान लगाया जा रहा है। इन नतीजों से पूर्वोत्तर भारत में पार्टी की पकड़ और अधिक मजबूत होगी। इस जीत के साथ ही मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का राजनीतिक कद भी बढ़ेगा। भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति को घुसपैठ जैसे गंभीर मुद्दों के इर्द-गिर्द बुना है। यह रणनीति हिंदू मतदाताओं को एकजुट करने में काफी सफल मानी जा रही है। इससे पार्टी का आधार राज्य में लगातार मजबूत हो रहा है।

मतगणना केंद्रों पर अभूतपूर्व और त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था

मतगणना सुबह आठ बजे से शुरू होगी। सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती की जाएगी। चुनाव आयोग ने पहली बार मतगणना कर्मियों के लिए क्यूआर कोड वाला पहचान पत्र अनिवार्य किया है। बंगाल में दो सौ तिरानवे सीटों के लिए सतहत्तर केंद्रों पर मतगणना होगी। दक्षिण चौबीस परगना जिले की फलता सीट पर मतदान रद्द कर दिया गया है। यहां इक्कीस मई को दोबारा मतदान होगा। सभी केंद्रों पर मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।

बंगाल में मतगणना के लिए विशेष पर्यवेक्षकों की तैनाती

बंगाल में मतगणना से पहले का माहौल काफी तनावपूर्ण है। सत्ताधारी तृणमूल और विपक्षी भाजपा दोनों ने हेराफेरी की आशंका जताई है। इसे देखते हुए चुनाव आयोग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। राज्य में शांतिपूर्ण मतगणना सुनिश्चित करने के लिए एक सौ पैंसठ अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। इसके अलावा सतहत्तर पुलिस पर्यवेक्षक भी निगरानी करेंगे। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी से पूरी सख्ती के साथ निपटा जाएगा।

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