Punjab News: पंजाब की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसदों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की है। भाजपा सांसद राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक और राजेंद्र गुप्ता ने राष्ट्रपति भवन पहुंचकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। इन नेताओं ने पंजाब सरकार पर राज्य तंत्र के भारी दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। यह सियासी खींचतान अब सीधे राष्ट्रपति भवन तक पहुंच गई है।
बदले की राजनीति का आरोप
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राघव चड्ढा ने पत्रकारों से विस्तृत बातचीत की। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर कड़े प्रहार किए। चड्ढा ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार हाल ही में पार्टी छोड़ने वाले सांसदों को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी पूरी तरह से बदले की भावना से काम कर रही है। चड्ढा ने राष्ट्रपति को राज्य की प्रतिशोध वाली राजनीति से पूरी तरह अवगत कराया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने की अयोग्यता की मांग
इसी बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से खास मुलाकात की। मान ने आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने पर भारी विरोध दर्ज कराया। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को बताया कि सांसदों का इस तरह भाजपा में जाना पूरी तरह असंवैधानिक है। उन्होंने राष्ट्रपति से इन सभी बागी सांसदों को राज्यसभा से तुरंत अयोग्य घोषित करने की सख्त मांग की है।


