Himachal News: प्रदेश पुलिस विभाग ने दोपहिया वाहनों में अवैध मोडिफाइड साइलेंसर के इस्तेमाल पर सख्त चेतावनी जारी की है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत इसे गंभीर उल्लंघन माना गया है। युवाओं में बाइकों पर तेज आवाज वाले साइलेंसर लगाने का चलन तेजी से बढ़ा है। यह जन शांति में बड़ी बाधा बन रहा है। पुलिस ने साफ किया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ पुलिस वाहनों को जब्त भी कर सकती है।
पटाखों जैसी आवाज से बुजुर्ग और मरीज परेशान
कई वाहन चालक जानबूझकर बाइकों में ऐसे साइलेंसर लगवाते हैं, जिनसे पटाखों जैसी तेज आवाज निकलती है। सड़कों पर इस ध्वनि प्रदूषण से बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को भारी परेशानी होती है। देर रात रिहायशी इलाकों में यह आवाज लोगों की नींद और मानसिक शांति छीन लेती है। अचानक होने वाली तेज आवाज से सड़क पर चल रहे अन्य वाहन चालक घबरा जाते हैं। इस घबराहट के कारण कई बार गंभीर सड़क दुर्घटनाएं होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।
विशेष अभियान के तहत होगी चालान और जब्ती की कार्रवाई
पुलिस विभाग अवैध मोडिफाइड साइलेंसर लगाने वालों के खिलाफ एक विशेष अभियान चला रहा है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 190(2) के तहत ऐसा करने पर भारी जुर्माने का स्पष्ट प्रावधान है। पुलिस लगातार नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के चालान काट रही है। जरूरत पड़ने पर यातायात पुलिस ऐसे दोपहिया वाहनों को तुरंत जब्त कर लेगी। पुलिस विभाग ने सभी वाहन मालिकों को केवल कंपनी द्वारा स्वीकृत असली साइलेंसर का ही इस्तेमाल करने की सख्त हिदायत दी है।

