Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सेब खरीद की तैयारियों को लेकर बड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने एचपीएमसी की विभिन्न योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आगामी सीजन के लिए मंडी मध्यस्थता योजना के तहत पुख्ता प्रबंध करने को कहा है। राज्य सरकार छोटे और सीमांत किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का मुख्य लक्ष्य किसानों को उनकी फसल का अधिकतम और सीधा लाभ पहुंचाना है।
सेब खरीद केंद्रों की मिलेगी अग्रिम जानकारी
मुख्यमंत्री सुक्खू ने अधिकारियों को अगले सीजन की खरीद शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। बागवानों की सुविधा के लिए अब खरीद केंद्रों की सूची और जानकारी पहले ही जारी की जाएगी। इससे किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार का यह कदम बागवानों का समय और पैसा दोनों बचाएगा। पूरी प्रणाली को पारदर्शी और सुगम बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अब केवल HPMC करेगा सेब की खरीद
साल 2025 में एचपीएमसी ने एमआईएस योजना के तहत रिकॉर्ड 98,540 मीट्रिक टन सेब की ऐतिहासिक खरीद की थी। पिछले वर्ष सरकार ने सेब खरीद का पूरा काम केवल एचपीएमसी को सौंपा था। इससे पहले हिमफेड भी इस महत्वपूर्ण खरीद प्रक्रिया का अहम हिस्सा हुआ करता था। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी केवल एचपीएमसी ही इस जिम्मेदारी को निभाएगा। सरकार इस नई एकल व्यवस्था को बागवानों के लिए ज्यादा सुविधाजनक और प्रभावी मानती है।
सेब खरीद प्रक्रिया का होगा पूर्ण डिजिटलीकरण
बागवानों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए एचपीएमसी की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निगम के कामकाज के पूर्ण डिजिटलीकरण पर विशेष जोर दिया है। अगले खरीद सीजन से सेब खरीद की पूरी प्रक्रिया और संबंधित डेटा को डिजिटल किया जाएगा। इस नई व्यवस्था से पूरी खरीद प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इसका सीधा और बड़ा लाभ प्रदेश के हजारों छोटे सेब बागवानों को मिलेगा और भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी।


