Himachal News: राजधानी शिमला की एक अदालत ने मादक पदार्थ तस्करी के पुराने मामले में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने हेरोइन रखने के आरोप में एक व्यक्ति को दोषी करार दिया है। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी ने इस मामले में दोषी को दो महीने के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर पांच हजार रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया गया है। पुलिस ने साल 2019 में सदर थाना क्षेत्र के तहत यह आपराधिक मामला दर्ज किया था।
सब्जी मंडी के पास गश्त के दौरान पुलिस ने पकड़ा था आरोपी
पुलिस ने नौ नवंबर 2019 को इस मामले में अहम कार्रवाई की थी। थाना सदर की विशेष टीम रविन्दा कार्ट रोड स्थित सब्जी मंडी के पास गश्त पर थी। चेकिंग के दौरान पुलिस ने मनोज कुमार शर्मा को जांच के लिए रोका। तलाशी लेने पर उसके पास से करीब एक ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने तुरंत आरोपी को हिरासत में ले लिया। आरोपी मूल रूप से हरियाणा के अंबाला का रहने वाला है। वह उस समय शिमला के कॉमली बैंक इलाके में निवास कर रहा था।
मजबूत पैरवी और ठोस साक्ष्यों के आधार पर मिली सजा
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी। जांच टीम ने इस घटना से जुड़े सभी जरूरी साक्ष्य बड़ी सतर्कता से जुटाए। पुलिस ने इन सभी ठोस सबूतों को समय पर अदालत के समक्ष पेश किया। पांच मई 2026 को अदालत ने सभी साक्ष्यों की विस्तृत समीक्षा की। अदालत ने पुख्ता सबूतों के आधार पर आरोपी मनोज को दोषी मानते हुए अपना फैसला सुना दिया।
नशा तस्करों के खिलाफ आगे भी जारी रहेगी कड़ी कार्रवाई
शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने इस अहम फैसले पर अपनी त्वरित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम ने इस मामले में बहुत प्रभावी जांच की। अदालत में मजबूत पैरवी के कारण ही आरोपी को सजा दिलाना संभव हो सका। एसएसपी ने साफ किया है कि पुलिस नशे के खिलाफ पूरी तरह से सख्त है। मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों को बिल्कुल नहीं बख्शा जाएगा। ऐसे अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ आगे भी कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

