South Delhi News: दक्षिणी दिल्ली के संगम विहार स्थित गुरु रविदास मार्ग पर पार्किंग माफिया, नगर निगम (MCD) और बीएसईएस अधिकारियों की मिलीभगत का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। मीडिया रिपोर्टों के बाद एमसीडी ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर पार्किंग के संचालन का वर्क ऑर्डर रद्द कर दिया था। हालांकि, जमीनी हकीकत इसके उलट है। 30 अप्रैल को एमसीडी और ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई के अगले ही दिन से यहां फिर से अवैध पार्किंग शुरू हो गई, जो प्रशासनिक तंत्र की विफलता को दर्शाती है।
कार्रवाई के अगले ही दिन जुटे 300 से अधिक वाहन
हैरानी की बात यह है कि तीन दिन पहले हुई पुलिसिया कार्रवाई का माफिया पर कोई असर नहीं पड़ा। शनिवार को मौके पर 300 से अधिक वाहन खड़े पाए गए। स्थानीय वाहन मालिकों ने खुलासा किया है कि वे पार्किंग संचालक को एडवांस में हजारों रुपये का किराया दे रहे हैं। मुकेश नामक एक व्यक्ति ने बताया कि उसने अपने सात छोटे व्यावसायिक वाहनों के लिए 14,000 रुपये एडवांस जमा किए हैं। संचालक ने उसे भरोसा दिलाया है कि सब कुछ जल्द ‘मैनेज’ हो जाएगा।
‘भैया’ नहीं, सीधा एडवांस वसूल रहा माफिया
इस अवैध पार्किंग का जाल इतना गहरा है कि बड़े और छोटे व्यावसायिक वाहनों के लिए अलग-अलग रेट तय हैं। प्रेम कुमार नामक एक अन्य वाहन स्वामी ने बताया कि वह हर महीने 19,000 रुपये किराया भरते हैं। काम चले या न चले, माफिया को पैसे देना अनिवार्य है। एमसीडी ने कागजों पर तो पार्किंग बंद कर दी है, लेकिन मौके पर धड़ल्ले से वसूली जारी है। पिछले दिनों ट्रैफिक पुलिस ने 60 वाहनों का चालान भी काटा था, पर वह कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई।
अवैध कनेक्शन से चल रहा ई-रिक्शा चार्जिंग प्वाइंट
भ्रष्टाचार का आलम यह है कि सीसीटीवी कैमरा चलाने के नाम पर लिए गए बिजली कनेक्शन का इस्तेमाल ई-रिक्शा चार्जिंग के लिए किया जा रहा है। एक ई-रिक्शा चार्ज करने के बदले 100 रुपये तक वसूले जाते हैं। स्थानीय विधायक चंदन चौधरी ने इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया था, जिसके बाद बीएसईएस ने कनेक्शन काट दिया था। बावजूद इसके, अब अवैध बिजली कनेक्शन के जरिए यह चार्जिंग प्वाइंट धड़ल्ले से चलाया जा रहा है, जो सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक है।
विधायक की आपत्ति को किया गया दरकिनार
गुरु रविदास मार्ग पर मजीदिया लाल बत्ती तक करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी में अवैध वाहनों का कब्जा रहता है। विधायक की आपत्ति के बावजूद पार्किंग का लाइसेंस नवीनीकृत किया गया और अवैध सुविधाएं मुहैया कराई गईं। सामान्य नागरिकों को बिजली कनेक्शन के लिए कई मानकों को पूरा करना पड़ता है, लेकिन यहां माफिया को बिना आवेदन ही कनेक्शन मिल गया। यह साठगांठ स्थानीय निवासियों के लिए सिरदर्द बन गई है, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।


