Himachal News: हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी मनाली में वीकेंड पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। बीते तीन दिनों में सात हजार से अधिक पर्यटक वाहन मनाली पहुंच चुके हैं। अन्य राज्यों के साथ प्रदेश भर से पर्यटक यहां आ रहे हैं। होटलों में भी पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ गई है। मनाली के स्तरीय होटलों में आक्यूपेंसी पचहत्तर प्रतिशत तक पहुंच गई है। पर्यटकों के आने से स्थानीय कारोबारियों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं।
पर्यटक वाहनों की संख्या में हुआ भारी इजाफा
वीकेंड पर मनाली पहुंचने वाले वाहनों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वीरवार को पंद्रह सौ पचास से अधिक वाहन मनाली पहुंचे। शुक्रवार को यह आंकड़ा अचानक बढ़कर तीन हजार तक पहुंच गया। हालांकि शनिवार को वाहनों की संख्या घटकर ढाई हजार रह गई। रविवार को पर्यटकों की वापसी का सिलसिला तेज रहा। इस दिन केवल पंद्रह सौ के करीब नए वाहन मनाली पहुंचे। पर्यटकों की इस आमद से पर्यटन कारोबार को संजीवनी मिली है।
कोकसर से ग्राम्फू तक लगा कई किलोमीटर लंबा जाम
रोहतांग दर्रा बंद होने के कारण पर्यटक कोकसर का रुख कर रहे हैं। रविवार को कोकसर पहुंचने वाले वाहनों का आंकड़ा ढाई हजार को पार कर गया। वाहनों की भारी संख्या के कारण लंबा जाम लग गया। कोकसर के दो मोड़ से लेकर ग्राम्फू तक करीब चार किलोमीटर लंबी लाइन लग गई। पर्यटकों ने सुहावने मौसम और बर्फ का जमकर आनंद लिया। स्थानीय पर्यटन कारोबारी दलीप और विक्रम ने बताया कि बर्फ देखने के लिए भीड़ उमड़ी।
रोहतांग दर्रा खुलने का बेसब्री से हो रहा इंतजार
पर्यटकों को अब भी रोहतांग दर्रा खुलने का बेसब्री से इंतजार है। फिलहाल पर्यटकों को बर्फ देखने के लिए भारी किराया चुकाना पड़ रहा है। वे कोकसर से स्नो प्वाइंट तक बाइक का इस्तेमाल कर रहे हैं। दर्रा खुलने के बाद पर्यटकों को इस अतिरिक्त किराए से बड़ी राहत मिलेगी। मनाली के एसडीएम गुनजीत सिंह चीमा ने अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि सीमा सड़क संगठन द्वारा मार्ग बहाल करते ही व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी।
प्रशासन ने जारी की पर्यटकों के लिए विशेष एडवायजरी
प्रशासन ने शिंकुला दर्रा जाने वाले पर्यटकों के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। सड़क पर बर्फ जमी होने के कारण लगातार फिसलन बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन ने केवल फोर बाई फोर वाहनों को ही जाने की सलाह दी है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा। रविवार को दोनों दर्रों में वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से चलती रही। दोपहर बाद मनाली में बूंदाबांदी हुई और ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ।


