Himachal News: हिमाचल प्रदेश में सड़क निर्माण के नाम पर बड़ी लापरवाही सामने आई है। मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर कंस्ट्रक्शन कंपनी ने भारी बारिश के बीच कोलतार बिछा दी। गवाली से घटासनी तक ग्यारह किलोमीटर लंबी सड़क के कार्य में यह खेल हुआ है। इस मनमानी से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर महज खानापूर्ति की जा रही है। हैरानी की बात है कि अधिकारी नदारद थे।
धूप के बजाय बारिश में हो रहा डामरीकरण
सड़क निर्माण के तय मानकों के अनुसार कोलतार हमेशा तेज धूप में बिछाई जाती है। सूरज ढलने के बाद इस काम को पूरी तरह रोक दिया जाता है। लेकिन कंस्ट्रक्शन कंपनी ने इन सभी नियमों की धज्जियां उड़ा दी हैं। ठेकेदार भारी बारिश के बीच ही सड़क पर डामर बिछा रहे हैं। इससे सड़क के जल्द उखड़ने का पूरा खतरा बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन हफ्ते मौसम बिल्कुल साफ था, तब काम नहीं हुआ।
रात के अंधेरे में गुपचुप चल रहा निर्माण कार्य
लोगों का गुस्सा सिर्फ डामरीकरण तक सीमित नहीं है। कोटरोपी और कसयाण नाला के पास कलवर्ट निर्माण का काम भी रात के अंधेरे में किया जा रहा है। रात के समय चुपचाप वहां कंक्रीट डाली जा रही है। दिन के उजाले में काम न करने से गुणवत्ता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का कोई अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने नहीं आ रहा है। इससे लोगों का कंपनी पर भारी अविश्वास पैदा हो गया है।
मशीनों से तोड़ी पुरानी सड़क, राहगीरों की बढ़ी परेशानी
ग्रामीण रमेश चौहान, आरजे रवि और अन्य स्थानीय निवासियों ने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि साफ मौसम में कंपनी ने मशीनों से पुरानी सड़क को उखाड़ दिया था। इसके कारण राहगीरों और वाहन चालकों को काफी लंबी परेशानी का सामना करना पड़ा। अब जब लगातार बारिश का दौर शुरू हो गया है, तो आनन-फानन में डामर बिछाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कंपनी की इस तानाशाही के खिलाफ अपना कड़ा आक्रोश जाहिर किया है।
एसडीएम ने दिए जांच के सख्त आदेश, प्रदर्शन की चेतावनी
गुस्साए ग्रामीणों ने अपनी शिकायत एसडीएम पद्धर को सौंप दी है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा धरना-प्रदर्शन करेंगे। एसडीएम सुरजीत सिंह ने शिकायत मिलने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। उन्होंने पूरे मामले की गहन जांच करवाने का भरोसा दिया है। एसडीएम ने कहा कि अगर निर्माण मानकों की अनदेखी पाई गई, तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। गुणवत्ता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।


