Saran News: बिहार के सारण जिले में सरकारी शिक्षकों को अब विद्यालय और जनगणना के कार्यों के बीच संतुलन बनाना होगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) निशांत किरण ने एक नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत शिक्षकों को स्कूल में कक्षाएं लेने के बाद जनगणना कार्य में शामिल होना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। इस फैसले के बाद जिले के शिक्षक समुदायों में हलचल तेज हो गई है और ड्यूटी के समय को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सुबह दो घंटे अनिवार्य रूप से स्कूल में रहेंगे शिक्षक
डीईओ द्वारा जारी पत्र के अनुसार, जनगणना कार्य में लगाए गए सभी शिक्षकों को सुबह 6:30 बजे से 8:30 बजे तक अनिवार्य रूप से अपने विद्यालय में उपस्थित रहना होगा। इस दौरान वे छात्रों का कक्षा संचालन करेंगे और शिक्षण कार्य पूरा करेंगे। इसके ठीक बाद वे अपने निर्धारित जनगणना क्षेत्रों के लिए रवाना होंगे। विभाग ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण पठन-पाठन का माहौल पूरी तरह से ठप न हो जाए।
मकान सूचीकरण और जनगणना 2027 का पहला चरण
भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य 2 मई से 31 मई 2026 तक संचालित किया जा रहा है। सारण जिले के प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालयों से बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में प्रतिनियुक्त किया गया है। पठन-पाठन की निरंतरता बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग ने दोनों जिम्मेदारियों को एक साथ निभाने का सख्त निर्देश जारी किया है।
शिक्षकों की उपस्थिति और मार्क ऑन ड्यूटी का नियम
सभी प्रधानाध्यापकों और प्रधान शिक्षकों को आदेश दिया गया है कि वे प्रतिनियुक्त शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें। शिक्षकों के बीच ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ और उपस्थिति दर्ज करने को लेकर कई दिनों से संशय की स्थिति बनी हुई थी। डीईओ कार्यालय ने अब साफ कर दिया है कि सुबह के दो घंटे स्कूल में मौजूदगी अनिवार्य है, जिसके आधार पर उनकी उपस्थिति मानी जाएगी। इस पारदर्शिता से विभाग और शिक्षकों के बीच प्रशासनिक कार्यों में स्पष्टता आएगी।
एफएलएन (FLN) कार्यक्रम को सफल बनाने पर जोर
बिहार शिक्षा विभाग इन दिनों बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN) अभियान को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। राज्य स्तरीय इस अभियान के तहत बच्चों के सीखने की क्षमता को बेहतर बनाना प्राथमिकता है। विभाग का मानना है कि यदि शिक्षक पूरे दिन स्कूल से गायब रहेंगे, तो एफएलएन कार्यक्रम का लक्ष्य प्रभावित हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षण और जनगणना कार्यों के बीच यह नया संतुलन तैयार किया गया है।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निगरानी के निर्देश
डीईओ कार्यालय से जारी इस पत्र की प्रतियां सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों, उप विकास आयुक्त और जिला पदाधिकारी को भेज दी गई हैं। प्रखंड स्तर पर अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करें और देखें कि शिक्षक सुबह के समय कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं या नहीं। शिक्षकों की दोहरी भूमिका से जहां एक ओर सरकारी कार्य समय पर पूरे होंगे, वहीं दूसरी ओर छात्रों के भविष्य के साथ भी समझौता नहीं होगा।


