New Delhi News: आम आदमी पार्टी (AAP) के कद्दावर नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की तमाम अटकलों पर पूर्ण विराम लगा दिया है। एक निजी यूट्यूब चैनल को दिए साक्षात्कार में उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि वे मरते दम तक भाजपा का दामन नहीं थामेंगे। संजय सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राघव चड्ढा जैसे नेताओं के पाला बदलने के बाद ‘आप’ के संसदीय दल में बड़ी टूट देखने को मिली है। उन्होंने अपनी निष्ठा को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया है।
‘संजय सिंह की गारंटी तो खुद मोदी भी लेंगे’
साक्षात्कार के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या भाजपा ने उन्हें अपनी ओर लाने की कोशिश की थी, तो उन्होंने दिलचस्प जवाब दिया। संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी है कि संजय सिंह कभी भाजपा में शामिल नहीं हो सकते। उन्होंने दावे के साथ कहा कि अगर आप पीएम मोदी से पूछेंगे कि देश में वह एक व्यक्ति कौन है जो कभी भाजपा में नहीं आएगा, तो वह मेरा ही नाम लेंगे। उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता को ‘अटूट’ करार दिया।
‘जेल भेजो या सूली पर चढ़ा दो, पीछे नहीं हटूंगा’
संजय सिंह ने भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि उन पर कभी ‘ट्राई’ भी नहीं किया गया क्योंकि सरकार ने उन्हें सीधे जेल भेज दिया था। उन्होंने पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा कि जेल से कोर्ट की तारीखों पर आते समय भी वे प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और अडानी समूह पर हमला करना नहीं भूलते थे। सांसद ने दो टूक लहजे में कहा कि उन्हें जेल की सलाखों के पीछे रखा जाए या सूली पर चढ़ा दिया जाए, वे अपने उसूलों और पार्टी की विचारधारा से समझौता नहीं करेंगे।
भाजपा की विचारधारा पर बोला तीखा हमला
अपनी बातचीत में संजय सिंह ने केवल व्यक्तिगत निष्ठा की बात नहीं की, बल्कि भाजपा की मूल विचारधारा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति देश को बांटने और हिंदू-मुस्लिम के नाम पर नफरत फैलाने वाली है। उन्होंने कहा कि जो दल अपने ही देश के दलितों, पिछड़ों, सिखों, ईसाइयों और मुसलमानों के खिलाफ द्वेष फैलाए, उस पार्टी से देश के कल्याण की उम्मीद करना बेमानी है। वे इस नफरत की राजनीति के खिलाफ खड़े रहेंगे।
संसदीय दल में मची भगदड़ के बीच दिया बयान
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी के भीतर हाल के दिनों में बड़ी राजनीतिक हलचल हुई है। राघव चड्ढा और संदीप पाठक जैसे प्रमुख चेहरों के भाजपा में शामिल होने के बाद राज्यसभा में ‘आप’ के केवल तीन सांसद ही शेष बचे हैं। इस टूट के बाद राजनीतिक गलियारों में संजय सिंह के अगले कदम को लेकर कई तरह की चर्चाएं थीं। संजय सिंह ने अब यह स्पष्ट कर दिया है कि वे कठिन समय में भी अरविंद केजरीवाल के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे और भाजपा के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
आम आदमी पार्टी के भीतर जारी इस सियासी संकट और संजय सिंह के कड़े रुख पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?


