Delhi News: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए कई ऐतिहासिक घोषणाएं की हैं। धीरपुर स्थित संत निरंकारी अस्पताल निर्माण स्थल पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मजदूरों से सीधा संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली सरकार श्रमिकों को सीधा आर्थिक लाभ और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान मजदूरों के बच्चों की शिक्षा और बेटियों के विवाह को अपनी प्राथमिकता बताया।
डीबीओसीडब्ल्यूडब्ल्यूबी पोर्टल हुआ फिर से सक्रिय
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्माण श्रमिकों से अपील की कि वे दिल्ली बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड (डीबीओसीडब्ल्यूडब्ल्यूबी) के पोर्टल पर अपना पंजीकरण तुरंत कराएं। काफी समय से बंद पड़े इस पोर्टल को अब दोबारा सक्रिय कर दिया गया है। सरकार चाहती है कि हर पात्र मजदूर को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए श्रम विभाग द्वारा विभिन्न मजदूर चौकों पर विशेष शिविर भी लगाए जाएंगे, ताकि अनपढ़ और असंगठित क्षेत्र के मजदूर भी इसमें शामिल हो सकें।
मजदूरों की बेटियों के लिए सामूहिक विवाह का आयोजन
मुख्यमंत्री ने श्रमिक परिवारों की आर्थिक चिंताओं को समझते हुए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार हर वर्ष मजदूरों की बेटियों के लिए दो भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। इसके साथ ही, बेटियों की शादी के लिए सीधी आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी साझा किया कि जल्द ही गर्भवती महिला श्रमिकों के लिए एक विशेष ‘सम्मान राशि’ योजना शुरू की जा रही है, जिससे उन्हें मातृत्व के दौरान आर्थिक मजबूती मिल सके।
मजदूर चौकों पर पहुंचेंगी मोबाइल हेल्थ वैन
श्रमिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने विशेष मोबाइल वैन तैयार करने का निर्णय लिया है। ये मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयां सीधे निर्माण स्थलों और मजदूर चौकों पर जाकर श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच करेंगी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान 1000 निर्माण श्रमिकों को सुरक्षा किट और उनके परिवारों के 100 बच्चों को शिक्षा किट भी वितरित की। सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली का कोई भी श्रमिक उचित इलाज और संसाधनों के अभाव में असुरक्षित महसूस न करे।
हर साल 35,000 श्रमिकों को मिलेगी स्किल ट्रेनिंग
कौशल विकास पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने एक बड़े अभियान का शुभारंभ किया, जिसके तहत हर साल 35,000 श्रमिकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस कौशल विकास कार्यक्रम का उद्देश्य मजदूरों को आधुनिक निर्माण तकनीकों से लैस करना और उनके बेहतर प्लेसमेंट की व्यवस्था करना है। मुख्यमंत्री के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से दी गई जानकारी के अनुसार, यह अभियान दिल्ली के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इससे मजदूरों की कार्यक्षमता और उनकी आय, दोनों में वृद्धि होगी।
प्रदूषण की मार पर 10 हजार की सीधी सहायता
श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में दिल्ली सरकार अब मजदूरों के हितों की सीधी रक्षा कर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि जब प्रदूषण के कारण दिल्ली में निर्माण गतिविधियां रोकी गई थीं, तब पंजीकृत मजदूरों को 10,000 रुपये की आर्थिक मदद दी गई थी। मंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों में मजदूरों के लिए बना पोर्टल वर्षों तक धूल फांकता रहा, लेकिन अब इसे सुशासन के तहत पूरी तरह पारदर्शी और सक्रिय बना दिया गया है।
