Maldives News: ईरान और इजरायल के बीच चल रहे भयानक युद्ध पर राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने बड़ा बयान दिया है। उनके इस तीखे बयान से अमेरिका काफी ज्यादा भड़क गया है। वाशिंगटन ने इस गंभीर मामले का संज्ञान लेकर मालदीव सरकार से आधिकारिक जवाब मांगा है। मुइज्जू ने कहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल युद्ध के लिए बिल्कुल नहीं होने देंगे। इस तनातनी से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भारी हलचल मच गई है।
अमेरिकी दूत ने विदेश मंत्री से किया संपर्क
अमेरिकी दूत सर्जियो गोर और उप सचिव बेथनी मॉरिसन ने विदेश मंत्री इरुथिशाम एडम से बात की है। बैठक के दौरान राष्ट्रपति मुइज्जू के बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई गई। अमेरिका के मध्य एशिया ब्यूरो ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। इसके बाद मालदीव की विदेश मंत्री ने अमेरिका को तुरंत जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मालदीव हमेशा अमेरिका के साथ सकारात्मक संबंध बनाए रखना चाहता है।
इजरायल युद्ध पर राष्ट्रपति मुइज्जू का आक्रामक रुख
मुइज्जू ने ईरान-इजरायल युद्ध पर बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। तेईस मार्च को प्रेस वार्ता में उन्होंने युद्ध रोकने की सख्त मांग रखी। उन्होंने कहा कि ईरान पर विदेशी हमले बिल्कुल नहीं होने चाहिए थे। ईरान को सीधे इजरायल पर अपना भारी पलटवार करना चाहिए। इजरायल पर लगातार दिन रात घातक हमले होने चाहिए। उन्होंने साफ किया कि उनका देश भी इस विवाद में यही कदम चाहता है।
अमेरिकी दूत से मुलाकात करने से किया था इनकार
मार्च में मुइज्जू ने अमेरिकी दूत सर्जियो गोर से मिलने से मना कर दिया था। सर्जियो उस समय राजधानी माले के अहम दौरे पर थे। उन्होंने वहां रक्षा और विदेश मंत्रियों से मुलाकात की थी। मुइज्जू ने मीटिंग रद्द कर स्पष्ट किया कि वह युद्ध पर चर्चा नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि मालदीव की धरती का इस्तेमाल युद्ध के लिए नहीं होगा। वह ऐसा कभी नहीं होने देंगे।


