Mumbai News: अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के बड़े सिंडिकेट के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को बड़ी कामयाबी मिली है। तुर्किये से डिपोर्ट कर भारत लाए गए कुख्यात तस्कर मोहम्मद सलीम डोला से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच अधिकारियों ने पाया कि डोला का नेटवर्क फार्मा डीलरों और रासायनिक व्यापारियों तक फैला हुआ था। यह तस्कर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहीम का बेहद करीबी सहयोगी माना जाता है और फिलहाल 8 मई तक एनसीबी की हिरासत में है।
इंटरपोल के जरिए तुर्किये में हुई गिरफ्तारी
सलीम डोला को पकड़ने के लिए एनसीबी ने इंटरपोल की मदद ली थी। वर्ष 2024 में भेजे गए अनुरोध के बाद इंटरपोल ने नोटिस जारी किया, जिसके आधार पर उसे तुर्किये में दबोचा गया। पिछले सप्ताह उसे दिल्ली लाया गया, जहां से जांच का दायरा मुंबई तक पहुंच गया है। अधिकारियों के मुताबिक, डोला को तस्करी की दुनिया में ‘मेफेड्रोन किंग’ कहा जाता है। वह मेफेड्रोन जैसे सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी में महारत रखता है और उसका नेटवर्क कई देशों में सक्रिय है।
केमिकल व्यापारियों और फार्मा डीलरों से सांठगांठ
जांच में सामने आया है कि डोला अपने अवैध कारोबार को चलाने के लिए कुछ सफेदपोश व्यापारियों की मदद ले रहा था। ये कारोबारी ड्रग्स बनाने के लिए जरूरी रसायनों की आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स में ‘सहायता’ कर रहे थे। एनसीबी अब इन संबंधों की गहराई से पड़ताल कर रही है। जल्द ही इस रैकेट से जुड़े कई बड़े नामों को पूछताछ के लिए समन भेजा जा सकता है। डोला का हाथ महाराष्ट्र और गुजरात में हुई भारी मात्रा में ड्रग्स बरामदगी के मामलों में भी रहा है।
पहचान छिपाकर तुर्किये में बसने की थी साजिश
पकड़े जाने के डर से डोला ने तुर्किये में अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली थी। वहां उसने ‘हमजा’ और ‘अब्दुल’ जैसे फर्जी नाम अपना लिए थे। वह तुर्किये की नागरिकता हासिल करने की फिराक में था और इसके लिए अचल संपत्तियां खरीदने की योजना बना रहा था। भारतीय एजेंसियां अब तुर्किये सरकार से उसके वहां के निवास और निवेश का ब्योरा हासिल करने के लिए कानूनी अनुरोध करने की तैयारी कर रही हैं। यह गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट की कमर तोड़ने में अहम साबित होगी।


