Jalandhar News: पंजाब में बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए नया कानून लागू होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘शुकराना यात्रा’ का आगाज किया है। बुधवार को श्री आनंदपुर साहिब से शुरू हुई यह यात्रा रात को जालंधर पहुंची। मुख्यमंत्री वीरवार सुबह जालंधर सेंट्रल हलके के वरिंदर सिंह घुम्मण पार्क में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इसके बाद वह आदमपुर में एक नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए जनता से सीधा संवाद करेंगे।
तख्त श्री केसगढ़ साहिब से हुआ यात्रा का शुभारंभ
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को खालसा पंथ की जन्मस्थली श्री आनंदपुर साहिब से इस राज्यव्यापी यात्रा की शुरुआत की। उनके साथ कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और सांसद मलविंदर सिंह कंग भी मौजूद रहे। यात्रा शुरू करने से पहले मुख्यमंत्री ने तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेककर गुरु साहिब का आशीर्वाद लिया। यह यात्रा सरकार की ओर से गुरु साहिब के प्रति श्रद्धा और नए कानून के लागू होने की खुशी में आयोजित की गई है।
बेअदबी रोकने के लिए सख्त कानून हुआ लागू
पंजाब सरकार ने हाल ही में “जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कानून संशोधन 2026” को पूरे राज्य में लागू किया है। इस नए कानून का प्राथमिक उद्देश्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी को रोकना और दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कदम लंबे समय से चल रही जन भावनाओं और सिख संगठनों की मांगों को ध्यान में रखकर उठाया गया है ताकि पवित्रता बनी रहे।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब की गरिमा के लिए प्रतिबद्धता
जालंधर के बाद मुख्यमंत्री की शुकराना यात्रा अमृतसर के रास्ते बठिंडा जिले के तलवंडी साबो स्थित तख्त श्री दमदमा साहिब के लिए रवाना होगी। भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस कानून के जरिए अब किसी को भी धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी और अपराधियों को कानून के तहत सख्त सजा भुगतनी होगी।
धार्मिक और राजनीतिक महत्व का संगम
इस यात्रा को पंजाब की राजनीति और धार्मिक सौहार्द के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार इसे अपनी एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है। जालंधर और आदमपुर में होने वाले कार्यक्रमों के जरिए मुख्यमंत्री आम जनता को नए कानून की बारीकियों और इसके महत्व के बारे में जानकारी देंगे। अमृतसर और बठिंडा में होने वाले अगले पड़ावों पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।


