Himachal News: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नामांकन शुरू होने से पहले एक बड़ा विवाद सामने आया है। ऊना जिले की हलेड़ा बिलणा पंचायत में कई लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब मिले हैं। चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही एक महिला उम्मीदवार का नाम भी सूची में नहीं है। इस चूक से स्थानीय लोगों में बहुत गुस्सा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने इसे एक गहरी साजिश बताया है।
अधिकारियों से मिले आक्रोशित ग्रामीण
मतदाता सूची में गड़बड़ी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को पूर्व पंचायत समिति सदस्य प्रेम सिंह औजला के नेतृत्व में एक विशेष प्रतिनिधिमंडल जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रभावित महिला उम्मीदवार हरप्रीत कौर के पति और अन्य नाराज ग्रामीण शामिल थे। सभी ने मिलकर संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने मांग की है कि मतदान से पहले इस गंभीर त्रुटि का तुरंत समाधान निकाला जाए।
ग्रामीणों ने लगाया सोची-समझी साजिश का आरोप
प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि यह कोई सामान्य प्रशासनिक चूक नहीं है। उनका मानना है कि मजबूत उम्मीदवारों को चुनावी दौड़ से बाहर करने के लिए यह जानबूझकर किया गया है। लोगों का कहना है कि नामांकन से ठीक पहले नाम कटना एक सोची-समझी साजिश की तरफ इशारा करता है। इस घटना से चुनावी माहौल में तनाव पैदा हो गया है।
न्यायालय जाने की दी गई सख्त चेतावनी
प्रशासनिक अधिकारियों के रवैये से गांव के लोग अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि मतदाता सूची में नाम वापस नहीं जोड़े गए, तो वे उग्र प्रदर्शन करेंगे। जरूरत पड़ने पर पीड़ित परिवार और ग्रामीण न्याय के लिए न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे। लोगों का कहना है कि वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन नहीं होने देंगे।
जिला पंचायत अधिकारी का स्पष्टीकरण और रुख
इस पूरे विवाद पर जिला पंचायत अधिकारी श्रवण कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह संवेदनशील मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने कहा कि मतदान के करीब स्थानीय स्तर पर मतदाता सूची में संशोधन करना अब संभव नहीं है। श्रवण कुमार ने आश्वासन दिया कि इस गड़बड़ी के संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। विभाग अपने स्तर पर उचित कार्यवाही करेगा।
उच्च स्तर पर टिका उम्मीदवारों का भविष्य
अधिकारियों के जवाब के बाद अब पूरी स्थिति राज्य निर्वाचन आयोग के पाले में चली गई है। आगे की सुधारात्मक कार्रवाई अब उच्च स्तर से ही निर्धारित की जाएगी। पंचायत चुनाव लोकतंत्र का महत्वपूर्ण जमीनी हिस्सा माने जाते हैं। ऐसे में नामांकन के अंतिम समय में मतदाता सूची की यह खामी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। अब सभी की निगाहें राज्य चुनाव आयोग के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं।


