बंगाल में भाजपा नेता के पीए की हत्या: सुवेंदु अधिकारी ने बताया सोची-समझी साजिश, ‘महा-जंगल राज’ पर साधा निशाना

North 24 Parganas News: पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या ने राज्य में सियासी उबाल ला दिया है। सुवेंदु अधिकारी ने इसे एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए कहा कि हत्या से पहले दो-तीन दिनों तक बाकायदा रेकी की गई थी। अस्पताल के बाहर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इस घटना को राज्य के ’15 साल के महा-जंगल राज’ का नतीजा बताया। भाजपा ने अब अपराधियों के खिलाफ बड़े स्तर पर मोर्चा खोलने का ऐलान किया है।

डीजीपी का बड़ा खुलासा: नकली नंबर प्लेट का हुआ इस्तेमाल

पश्चिम बंगाल के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। पुलिस ने अपराध में शामिल चार पहिया गाड़ी को जब्त कर लिया है, लेकिन प्राथमिक जांच में गाड़ी की नंबर प्लेट नकली पाई गई है। घटनास्थल से पुलिस को जिंदा कारतूस और खोखे बरामद हुए हैं। डीजीपी ने पुष्टि की है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि साजिशकर्ताओं का पर्दाफाश हो सके।

चश्मदीद की जुबानी: फिल्मी अंदाज में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग

एक चश्मदीद ने घटना का आंखों देखा हाल बताते हुए कहा कि यह सब कुछ ही सेकंड में हुआ। रात करीब 10:30 बजे जैसे ही चंद्रनाथ की कार धीमी हुई, बाइक सवार हमलावरों ने कार के बाईं ओर से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। हमलावर देखने में काफी पेशेवर लग रहे थे और वारदात को अंजाम देकर तुरंत फरार हो गए। गोलियां इतनी करीब से चलाई गई थीं कि कार के शीशे चकनाचूर हो गए और ड्राइवर भी इस हमले में घायल हो गया।

केंद्रीय नेतृत्व सक्रिय: सुकांत मजूमदार ने जाना परिवार का हाल

इस हत्याकांड के बाद दिल्ली से भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने मृतक के परिजनों और पुलिस अधिकारियों से बात कर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से भाजपा विधायक और वरिष्ठ नेता भी एकजुट होकर मध्यमग्राम पहुंचे हैं। सुवेंदु अधिकारी ने साफ किया है कि पार्टी अपने सबसे भरोसेमंद साथी को खोने के शोक में डूबी है और इस हिंसा का करारा जवाब दिया जाएगा।

सुवेंदु के ‘इनर सर्कल’ का हिस्सा थे चंद्रनाथ रथ

चंद्रनाथ रथ केवल एक कर्मचारी नहीं, बल्कि सुवेंदु अधिकारी के राजनीतिक समन्वय और रणनीतिक कार्यों के मुख्य आधार थे। उन्हें सुवेंदु के सबसे करीबी ‘इनर सर्कल’ का सदस्य माना जाता था। चलती कार में उन पर चार गोलियां चलाई गईं, जिनमें से तीन गोलियां उन्हें सीधे लगीं। उनकी कार की खिड़की पर मौजूद गोलियों के निशान इस बात की गवाही दे रहे हैं कि हमलावर उन्हें जान से मारने के इरादे से ही आए थे।

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