Crime News: पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले में राजनीतिक हिंसा का एक खौफनाक चेहरा सामने आया है। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की बदमाशों ने बुधवार रात बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावरों ने मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके में उनकी गाड़ी को रोककर बेहद करीब से फायरिंग की। इस घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायुसेना से राजनीति तक का असाधारण सफर
41 वर्षीय चंद्रनाथ रथ का जीवन काफी प्रेरणादायक रहा था। उन्होंने रहारा रामकृष्ण मिशन से शिक्षा प्राप्त करने के बाद भारतीय वायु सेना में लगभग दो दशक तक अपनी सेवाएं दीं। सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद उन्होंने कुछ समय कॉर्पोरेट जगत में भी काम किया। वह आध्यात्मिक स्वभाव के व्यक्ति थे और एक समय संन्यास लेने का विचार भी कर चुके थे। बाद में वह धीरे-धीरे प्रशासनिक और राजनीतिक समन्वय की भूमिकाओं में सक्रिय हो गए।
सुवेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद सहयोगी
चंद्रनाथ रथ और अधिकारी परिवार का रिश्ता दो दशक से भी ज्यादा पुराना था। रथ औपचारिक रूप से 2019 में सुवेंदु अधिकारी की टीम में शामिल हुए थे। उस समय अधिकारी ममता बनर्जी सरकार में मंत्री थे। जब सुवेंदु भाजपा में शामिल हुए, तब भी रथ उनके साथ रहे। उन्हें अधिकारी के भीतरी घेरे का सबसे विश्वसनीय सदस्य माना जाता था, जो पर्दे के पीछे रहकर चुनाव प्रबंधन और संगठन का सारा काम संभालते थे।
ममता सरकार के खिलाफ बड़ी लड़ाई में थे शामिल
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, रथ लो-प्रोफाइल रहकर काम करने में विश्वास रखते थे। उन्होंने भाजपा के भवानीपुर अभियान सहित कई हाई-प्रोफाइल राजनीतिक लड़ाइयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह अक्सर संवेदनशील संगठनात्मक कार्यों और लॉजिस्टिक्स का प्रबंधन देखते थे। भाजपा गलियारों में यह चर्चा आम थी कि भविष्य में सरकार बनने पर अधिकारी उन्हें कोई बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंप सकते हैं, लेकिन इस हत्याकांड ने उन सभी संभावनाओं को खत्म कर दिया।
टीएमसी से भाजपा तक का पारिवारिक जुड़ाव
रथ परिवार मूल रूप से पूर्वी मेदिनीपुर के चांदीपुर का रहने वाला था। रोचक तथ्य यह है कि अधिकारी परिवार की तरह उनका परिवार भी पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा था। उनकी मां हासी रथ टीएमसी शासन के दौरान स्थानीय पंचायत संस्था में पद पर रही थीं। साल 2020 में वह भी सुवेंदु अधिकारी के साथ भाजपा में शामिल हो गई थीं। इस हत्या के बाद इलाके में भारी तनाव है और भाजपा कार्यकर्ताओं ने न्याय की मांग की है।


