Chandigarh News: पंजाब में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने वीरवार के लिए राज्य में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। बुधवार को दिनभर धूप खिलने के बाद शाम को अचानक बदले मौसम ने कई जिलों में आंधी की स्थिति पैदा कर दी। विभाग के अनुसार, शुक्रवार और शनिवार को मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है, लेकिन रविवार से एक बार फिर सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण 10 से 12 मई तक तीन दिनों का येलो अलर्ट रहेगा।
बठिंडा रहा सबसे गर्म, शाम को चली तेज हवाएं
बुधवार को पंजाब के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसमें बठिंडा जिला 37.1 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य में सबसे गर्म स्थान रहा। अन्य प्रमुख शहरों की बात करें तो पटियाला में 36.4, अमृतसर और लुधियाना में 34.6 तथा फिरोजपुर में तापमान 34.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, देर शाम कई हिस्सों में धूल भरी आंधी चलने से तापमान में मामूली गिरावट महसूस की गई। आने वाले दिनों में भी 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
हिमाचल में विक्षोभ कमजोर, मलबे ने मचाई तबाही
पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में पिछले चार दिनों से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है। मौसम विभाग ने 7 से 9 मई तक वर्षा और ओलावृष्टि से राहत मिलने की उम्मीद जताई है। हालांकि, बीते दिनों हुई भारी बारिश ने सिरमौर जिले के संगड़ाह में भारी तबाही मचाई, जहाँ खदान से आए मलबे में वाहन दब गए। शिमला और मंडी में भी हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई है। फिलहाल ऊँचाई वाले क्षेत्रों में भी बादल छाए रहने का अनुमान है।
जम्मू-कश्मीर में 10 मई से फिर बदलेगा मौसम
घाटी में बुधवार को मौसम साफ रहा और श्रीनगर का अधिकतम तापमान 25.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के पूर्वानुमान के मुताबिक, 10 मई से जम्मू-कश्मीर में फिर से मौसम खराब हो सकता है। 10 से 12 मई के बीच 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश होने के आसार हैं। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को मौसम की स्थिति को देखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
आने वाले दिनों में धूल भरी आंधी का अलर्ट
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मई के महीने में इस तरह का बदलाव कृषि और आम जनजीवन को प्रभावित कर सकता है। धूल भरी आंधी के कारण दृश्यता कम होने की आशंका है, जिससे यातायात पर असर पड़ सकता है। रविवार से शुरू होने वाला अगला स्पेल ज्यादा सक्रिय हो सकता है, जिसके लिए प्रशासन ने पहले ही सुरक्षात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। जनता को सलाह दी गई है कि वे गरज-चमक के समय ऊँचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।

