New York News: अमेरिका के चर्चित जेपी मॉर्गन यौन उत्पीड़न मामले में नया मोड़ आया है। पूर्व बैंकर चिरायु राणा ने मैनहट्टन सुप्रीम कोर्ट में संशोधित मुकदमा दायर किया है। इसमें बैंक की वरिष्ठ कार्यकारी लोर्ना हजदिनी पर यौन उत्पीड़न और ड्रग्स देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस बार याचिका में दो गुमनाम गवाहों के बयान भी शामिल किए गए हैं। हालांकि, जेपी मॉर्गन और लोर्ना हजदिनी ने इन सभी दावों को पूरी तरह से निराधार और मनगढ़ंत करार दिया है।
गुमनाम गवाहों ने किए चौंकाने वाले खुलासे
मुकदमे में शामिल एक गवाह ने बेहद आपत्तिजनक घटना का दावा किया है। गवाह के अनुसार, लोर्ना हजदिनी एक रात नग्न अवस्था में कमरे में आई थीं। उन्होंने सिगरेट जलाकर गवाह को बेडरूम में आने के लिए मजबूर किया। गवाह का आरोप है कि मना करने पर हजदिनी ने सत्ता का धौंस दिखाया। इसके बाद कमरे से चिरायु राणा के चिल्लाने की आवाजें आईं। राणा कथित तौर पर उन्हें रुकने और वहां से चले जाने के लिए कह रहे थे।
दूसरे गवाह ने भी की उत्पीड़न की पुष्टि
केस में शामिल दूसरे गवाह ने भी राणा के दावों का समर्थन किया है। उसने बताया कि राणा ऑफिस में अपने साथ हो रहे दुर्व्यवहार से काफी परेशान थे। गवाह ने एक बार हजदिनी को राणा की इच्छा के विरुद्ध उन्हें चूमते हुए देखा था। उस समय राणा बहुत असहज और डरे हुए दिखाई दे रहे थे। इन बयानों ने मैनहट्टन के बैंकिंग और कानूनी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट इस पर बारीक नजर रख रहा है।
पीटीएसडी और मानसिक स्वास्थ्य का हवाला
संशोधित याचिका में चिरायु राणा के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा हलफनामा भी पेश किया गया है। राणा का दावा है कि इन हमलों के कारण वह गंभीर मानसिक आघात से गुजर रहे हैं। अक्टूबर 2024 में उन्हें ‘पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर’ (PTSD) होने की पुष्टि हुई थी। उनके काउंसलर ने कोर्ट को सूचित किया है कि राणा फिलहाल अपना इलाज करा रहे हैं। हमले के बाद से वह सामान्य जीवन जीने और काम पर लौटने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं।
जेपी मॉर्गन ने आंतरिक जांच में दावों को नकारा
जेपी मॉर्गन चेस ने आधिकारिक बयान जारी कर इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। बैंक का कहना है कि उनकी आंतरिक जांच में किसी भी गड़बड़ी के सबूत नहीं मिले हैं। जांच दल ने ईमेल और डिजिटल रिकॉर्ड्स को खंगाला था। बैंक के अनुसार, लोर्ना हजदिनी ने जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग दिया है। इसके विपरीत, शिकायतकर्ता चिरायु राणा ने जांच में शामिल होने से इनकार कर दिया। उन्होंने अपने आरोपों की पुष्टि के लिए कोई ठोस तथ्य भी प्रदान नहीं किए हैं।
लोर्ना हजदिनी के वकीलों ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
लोर्ना हजदिनी के कानूनी दल ने इन आरोपों को उनकी छवि बिगाड़ने की साजिश बताया है। वकीलों ने स्पष्ट किया कि लोर्ना का राणा के साथ कभी कोई रोमांटिक संबंध नहीं रहा। उन्होंने ड्रग्स देने या यौन उत्पीड़न की बात को पूरी तरह झूठ करार दिया है। लोर्ना ने कहा कि वह अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए तैयार हैं। उनके अनुसार, यह मुकदमा पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण है। बैंक अधिकारियों ने भी लोर्ना के पेशेवर आचरण पर भरोसा जताया है।
पिता की मौत को लेकर गुमराह करने का आरोप
न्यूयॉर्क पोस्ट की एक हालिया रिपोर्ट ने इस मामले में नया विवाद खड़ा कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, चिरायु राणा ने मुकदमे की तैयारी के लिए बैंक से छुट्टी मांगी थी। इसके लिए उन्होंने अपने पिता की मृत्यु का झूठा बहाना बनाकर अधिकारियों को गुमराह किया। इसके अलावा, उन पर कानूनी सलाह के लिए चैटबॉट का उपयोग करने का भी आरोप लगा है। इन खुलासों ने राणा की साख और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की सच्चाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

