Maharashtra News: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने अपने असाधारण खेल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमिट छाप छोड़ी है। साल 2025 में भारत को पहली बार महिला क्रिकेट विश्व कप जिताने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। मंधाना अब तक 10 हजार से अधिक अंतरराष्ट्रीय रन और 17 शतक बना चुकी हैं। उनकी शानदार तकनीक और आक्रामक बल्लेबाजी शैली ने उन्हें आधुनिक दौर की सबसे प्रभावशाली क्रिकेटरों की सूची में शीर्ष पर पहुंचा दिया है।
बचपन से शुरू हुआ क्रिकेट का सफर और घरेलू क्रिकेट में धमाका
स्मृति मंधाना का जन्म 18 जुलाई 1996 को मुंबई में हुआ था। वह अपने पिता और भाई को क्रिकेट खेलते देखकर इस खेल की ओर आकर्षित हुईं। स्मृति का परिवार बाद में सांगली जिले के माधवनगर में जाकर बस गया। उनकी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह महज नौ साल की उम्र में महाराष्ट्र की अंडर-15 टीम का हिस्सा बन गई थीं। इसके बाद 11 साल की आयु में वह अंडर-19 टीम के लिए चुनी गईं।
लिस्ट-ए क्रिकेट में दोहरा शतक लगाकर रचा इतिहास
अक्टूबर 2013 में स्मृति मंधाना ने घरेलू क्रिकेट में एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया जिसने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। उन्होंने गुजरात अंडर-19 के खिलाफ वडोदरा में खेलते हुए केवल 150 गेंदों पर नाबाद 224 रनों की पारी खेली। इसके साथ ही वह लिस्ट-ए क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद उनके लिए भारतीय अंतरराष्ट्रीय टीम के दरवाजे खुल गए। उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर टीम में अपनी जगह पक्की की।
अंतरराष्ट्रीय पदार्पण और विश्व पटल पर पहचान
मंधाना ने अप्रैल 2013 में बांग्लादेश के खिलाफ अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। साल 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होबार्ट में लगाया गया उनका पहला शतक करियर का टर्निंग पॉइंट बना। इसके बाद 2017 के महिला विश्व कप में उन्होंने गंभीर चोट के बावजूद शानदार वापसी की। उन्होंने वेस्टइंडीज के विरुद्ध शतक और इंग्लैंड के खिलाफ मैच जिताऊ पारियां खेलीं। इस टूर्नामेंट ने स्मृति को विश्व क्रिकेट में एक नई पहचान दिलाई और वह रातों-रात वैश्विक स्टार बन गईं।
रिकॉर्ड्स का अंबार और आईसीसी अवार्ड्स का दबदबा
साल 2018 मंधाना के लिए उपलब्धियों से भरा रहा जब उन्हें आईसीसी महिला क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया। वह 22 साल की उम्र में भारत की सबसे युवा टी20 कप्तान भी बनीं। जून 2025 तक उन्होंने क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में शतक लगाने का गौरव हासिल कर लिया। आयरलैंड के खिलाफ 70 गेंदों में जड़ा गया उनका वनडे शतक भारतीय महिला क्रिकेट का सबसे तेज शतक है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शतकों के मामले में दिग्गज मेग लैनिंग के रिकॉर्ड की बराबरी की।
विदेशी लीग और महिला प्रीमियर लीग में अद्वितीय सफलता
स्मृति मंधाना ने दुनिया भर की टी20 लीग में अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है। वह ऑस्ट्रेलिया की महिला बिग बैश लीग और इंग्लैंड की द हंड्रेड लीग का प्रमुख हिस्सा रही हैं। भारत में महिला प्रीमियर लीग की शुरुआत होने पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन्हें रिकॉर्ड बोली लगाकर खरीदा। उनकी कुशल कप्तानी में आरसीबी ने 2024 और 2026 में खिताबी जीत हासिल की। 2026 के सीजन में वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी के रूप में भी उभरीं।
पुरस्कार और वैश्विक सम्मान से भारतीय क्रिकेट का गौरव
स्मृति की झोली में एशियन गेम्स का स्वर्ण और कॉमनवेल्थ गेम्स का रजत पदक शामिल है। साल 2025 की विश्व कप जीत उनके करियर का सबसे बड़ा क्षण रही। भारत सरकार ने उन्हें 2019 में अर्जुन पुरस्कार प्रदान किया। इसके अलावा 2024 में उन्हें विजडन ने दुनिया की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर का खिताब दिया। मंधाना आज करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने अपने समर्पण से भारतीय महिला क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर एक नई और मजबूत पहचान दी है।

