दिल्ली में आज से डिजिटल जनगणना का आगाज: 33 सवालों के जवाब दें और घर बैठे पूरी करें स्व-गणना

Delhi News: एनडीएमसी और दिल्ली छावनी के बाद अब दिल्ली नगर निगम (MCD) क्षेत्र में भी जनगणना की डिजिटल प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो रही है। इस नई व्यवस्था के तहत दिल्लीवासी अपने घर की जानकारी मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए ऑनलाइन साझा कर सकते हैं। सरकार की इस पहल का उद्देश्य डेटा संकलन को पारदर्शी और सरल बनाना है। 16 मई से जब फील्ड कर्मचारी घर-घर जाकर सर्वे करेंगे, तब नागरिक अपनी ऑनलाइन भरी गई जानकारी का सत्यापन करवाकर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

33 सवालों के जरिए दर्ज होगी आर्थिक स्थिति

जनगणना के पहले चरण में नागरिकों से कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे, जो मुख्य रूप से उनके निवास और जीवन स्तर पर केंद्रित होंगे। इसमें मकान की संरचना जैसे—दीवार, छत और फर्श किस सामग्री से बने हैं, कमरों की संख्या, और परिवार के सदस्यों का विवरण मांगा जाएगा। इसके अलावा, शौचालय, रसोई घर, पीने के पानी का स्रोत और खाना पकाने के लिए उपयोग किए जाने वाले ईंधन (LPG/PNG) जैसी मूलभूत सुविधाओं की जानकारी भी इस डिजिटल सर्वे का हिस्सा होगी।

संपत्ति और साधनों का भी देना होगा ब्योरा

आर्थिक स्थिति का आकलन करने के लिए पोर्टल पर संपत्तियों से जुड़े सवाल भी शामिल किए गए हैं। नागरिकों को यह बताना होगा कि उनके पास इंटरनेट, टीवी, डीटीएच, मोबाइल, साइकिल, दोपहिया वाहन (बाइक/स्कूटी) या कार जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं। इन जानकारियों का उपयोग भविष्य में सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए किया जाएगा। यह स्व-गणना की प्रक्रिया 1 मई से 15 मई तक जारी रहेगी।

रजिस्ट्रेशन और ऑनलाइन फॉर्म भरने की विधि

स्व-गणना के लिए नागरिक आधिकारिक वेबसाइट https://se.census.gov.in या सीएमएमएस (CMMS) ऐप का उपयोग कर सकते हैं। सबसे पहले नाम और मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी (OTP) के जरिए पंजीकरण करना होगा। इसके बाद जिला, पिन कोड, क्षेत्र और आसपास के लैंडमार्क की जानकारी भरनी होगी। वेबसाइट पर दिए गए नक्शे में अपना घर चिह्नित करने के बाद सभी 33 सवालों के उत्तर देने होंगे। प्रक्रिया पूरी होने पर एक ‘स्व-गणना आईडी’ जनरेट होगी, जिसे संभाल कर रखना अनिवार्य है।

सत्यापन प्रक्रिया और ध्यान रखने योग्य बातें

16 मई से जब सरकारी गणनाकर्ता (Enumerator) आपके घर पहुंचेंगे, तो उन्हें केवल अपनी ‘स्व-गणना आईडी’ दिखानी होगी। आपके द्वारा दी गई जानकारी का सत्यापन होते ही पूरा विवरण सरकारी सर्वर पर सुरक्षित हो जाएगा। कुछ सख्त नियमों के अनुसार, पंजीकरण के बाद परिवार के मुखिया का नाम और चुनी गई भाषा बदली नहीं जा सकती। साथ ही, एक मोबाइल नंबर का उपयोग केवल एक परिवार के पंजीकरण के लिए ही किया जा सकेगा, जो सुरक्षा और सटीकता सुनिश्चित करेगा।

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