New Delhi News: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत और पाकिस्तान की स्थिति पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दोनों देशों की वैश्विक छवि का गहरा अंतर दुनिया को समझाया है। राष्ट्रीय सुरक्षा शिखर सम्मेलन में उन्होंने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का मुख्य केंद्र बताया। दूसरी ओर भारत अपनी शानदार सूचना प्रौद्योगिकी के लिए पूरे विश्व में मशहूर है। दोनों देश एक ही समय पर आजाद हुए थे। फिर भी आज दोनों की पहचान एक दूसरे से बिल्कुल अलग है।
भारत का आईटी हब और पाकिस्तान का आतंक
राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत और पाकिस्तान की आईटी में बड़ा फर्क है। भारत की आईटी का अर्थ शानदार सूचना प्रौद्योगिकी है। इसने देश को विकास के वैश्विक मंच पर नई पहचान दी है। दूसरी तरफ पाकिस्तान की आईटी का मतलब अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद बन चुका है। पाकिस्तान लगातार आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देता आया है। इसी कारण से पाकिस्तान पूरी दुनिया में आतंक की फैक्ट्री के रूप में कुख्यात है।
आतंकवाद से पूरी मानवता को गंभीर खतरा
रक्षा मंत्री ने आतंकवाद को पूरी मानवता पर एक बड़ा कलंक करार दिया है। जब तक समाज में आतंकवाद मौजूद है यह शांति के लिए गंभीर चुनौती रहेगा। कई बार लोग आतंकवाद को धर्म का चोला पहनाकर सही ठहराने की कोशिश करते हैं। यह हिंसक विचारधारा को सही साबित करने का बहुत ही खतरनाक प्रयास है। रक्षा मंत्री ने इसे आतंकियों को बैकअप देने जैसा बताया है। इससे आतंकी अपने नापाक इरादों में आसानी से कामयाब होते हैं।
मानवीय मूल्यों की रक्षा की बड़ी लड़ाई
आतंकवाद का खात्मा केवल देश की सुरक्षा से जुड़ा सामान्य मसला नहीं है। यह असल में संपूर्ण मानव जाति के मूल्यों की रक्षा की अहम लड़ाई है। आतंक एक बेहद विकृत और खतरनाक हिंसक मानसिकता है। यह सोच सभी प्राकृतिक और मानवीय उसूलों के बिल्कुल खिलाफ काम करती है। भारत ने देश और विदेश के हर मंच पर इस स्पष्ट सोच को रखा है। भारत की इस ठोस नीति को वैश्विक स्तर पर लगातार भारी समर्थन भी मिला है।
किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा आतंक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार का रुख सख्त रहा है। किसी भी आतंकी गतिविधि को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारत ने आतंक के खिलाफ हमेशा सीधा प्रहार किया है। सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक से इसे साबित किया है। पहलगाम घटना के बाद ऑपरेशन सिंदूर चलाकर कड़ा जवाब दिया गया था। देश आज हर आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
ऑपरेशन सिंदूर और भारतीय सेना की शानदार क्षमता
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता भारतीय सेना के अद्भुत शौर्य को दर्शाती है। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने इसे अपनी शर्तों पर रोका था। भारतीय सेना किसी भी लंबी लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार थी। देश के पास अपनी सैन्य क्षमता को तुरंत बढ़ाने की ताकत मौजूद है। यह ताकत पहले के मुकाबले अब कहीं ज्यादा आधुनिक और मजबूत हो चुकी है। हमारी सेना हर दुश्मन को जड़ से खत्म करने में पूरी तरह सक्षम है।


