Delhi News: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र में विशाल जनसुनवाई का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक अपनी शिकायतें और सुझाव लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने जनता की समस्याओं को बेहद संवेदनशीलता के साथ सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन शिकायतों के निवारण में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को त्वरित राहत प्रदान करना है।
जनता के फीडबैक से बनेगी दिल्ली की नई विकास नीति
मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई के दौरान उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह संवाद केवल एक औपचारिकता नहीं है। उनके अनुसार, जनता से प्राप्त सीधे फीडबैक और सुझाव ही सरकार की नीतियों का आधार बनते हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि जनोन्मुखी शासन के लिए पारदर्शी समाधान तंत्र अनिवार्य है। दिल्ली सरकार भविष्य की योजनाओं को नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप ढालने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच सकेगा।
शालीमार बाग को आदर्श विधानसभा बनाने का रोडमैप तैयार
क्षेत्र के विकास पर चर्चा करते हुए रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सड़कों का सुदृढ़ीकरण और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार यहां अटल कैंटीन की स्थापना और आयुष्मान जन आरोग्य मंदिरों का विस्तार कर रही है। इन सुविधाओं से मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों को सीधे तौर पर बड़ी सहायता मिलेगी।
आधुनिक सुविधाएं और बुनियादी ढांचे का होगा कायाकल्प
स्थानीय निवासियों की सुविधा के लिए क्षेत्र में वाटर एटीएम लगाए जा रहे हैं और पार्कों के आधुनिकीकरण का कार्य भी तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने व्यवस्थित पार्किंग सुविधाओं के विकास पर भी बल दिया ताकि यातायात की समस्या से मुक्ति मिल सके। उनका लक्ष्य शालीमार बाग को एक ऐसी आदर्श विधानसभा के रूप में विकसित करना है, जहां जीवन की गुणवत्ता उच्चतम हो। इन सभी विकास कार्यों की वे स्वयं निरंतर निगरानी और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करेंगी।
अधिकारियों को अल्टीमेटम: लंबित मामलों का तुरंत करें निस्तारण
जनसुनवाई के अंत में मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि वे लंबित फाइलों का शीघ्र निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने चाहिए। कई समस्याओं का मौके पर ही अधिकारियों के माध्यम से समाधान कराया गया। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि तय समय सीमा के भीतर शिकायतों का निपटारा करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत भी मुख्यमंत्री ने दिए हैं।


