Himachal News: महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिमला दौरे पर पहुंचीं लांबा ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में नारी शक्ति वंदन विधेयक को बिना किसी देरी के सभी 543 लोकसभा सीटों पर लागू करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार देने में जानबूझकर टालमटोल कर रही है। कांग्रेस अब इस मुद्दे पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ने की तैयारी में है।
प्रधानमंत्री को भेजे जाएंगे 10 लाख पोस्टकार्ड
अलका लांबा ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि भाजपा गंभीर होती, तो यह कानून 2014 में ही लागू हो जाता। उन्होंने ऐलान किया कि महिला कांग्रेस देशभर में हस्ताक्षर अभियान चलाएगी। इसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 10 लाख पोस्टकार्ड भेजकर आरक्षण तुरंत लागू करने का दबाव बनाया जाएगा। लांबा ने स्पष्ट किया कि आरक्षण का लाभ कागजों के बजाय अब सीधे जमीन पर मिलना चाहिए, जिसे अब और अधिक नहीं टाला जा सकता।
जुलाई में संसद का घेराव और ओबीसी आरक्षण की मांग
आगामी रणनीति साझा करते हुए अलका लांबा ने बताया कि जुलाई के मानसून सत्र में महिलाएं दिल्ली में संसद का शांतिपूर्ण घेराव करेंगी। उन्होंने महिला आरक्षण के भीतर ओबीसी वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से कोटा सुनिश्चित करने की वकालत की। लांबा ने कहा कि सामाजिक न्याय के लिए जातिगत जनगणना अनिवार्य है। उनके अनुसार, परिसीमन की प्रक्रिया से पहले जनगणना होनी चाहिए। कांग्रेस इस मांग को लेकर देशभर की महिलाओं को एकजुट करने का प्रयास कर रही है।
महंगाई के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी
महिला आरक्षण के साथ-साथ अलका लांबा ने बढ़ती महंगाई पर भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म होते ही कमर्शियल गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि करके आम जनता पर बोझ डाला गया है। कांग्रेस पार्टी जल्द ही महंगाई के विरोध में बड़ा आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने साफ किया कि जनता के हितों की रक्षा के लिए पार्टी सड़कों पर उतरकर सरकार की जनविरोधी नीतियों का पुरजोर विरोध करेगी।
हिमाचल में महिलाओं को 33 प्रतिशत टिकट का भरोसा
पार्टी के आंतरिक सुधारों पर चर्चा करते हुए लांबा ने कहा कि यदि केंद्र सरकार कानून लागू नहीं करती, तो कांग्रेस स्वयं पहल करेगी। आगामी चुनावों में पार्टी महिलाओं को 33 प्रतिशत टिकट देने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। हिमाचल प्रदेश की सभी 68 विधानसभा सीटों पर महिला उम्मीदवारों को तैयार करने के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है। पार्टी का लक्ष्य राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है।


