पहाड़ों की तकदीर बदलेगी ‘PMGSY-4’! 250 दुर्गम बस्तियों तक पहुंचेगी सड़क, जानिए आपके गांव का नंबर कब आएगा

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4’ के तहत राज्य की 250 से अधिक दुर्गम बस्तियों को मुख्य सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा। लोक निर्माण विभाग ने इन सड़कों का विस्तृत खाका तैयार कर लिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से न केवल आवाजाही सुगम होगी, बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी एक नई रफ़्तार मिलेगी।

पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी का महाअभियान

हिमाचल प्रदेश के कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में सड़क पहुंचाना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। पीएमजीएसवाई के चौथे चरण में उन छोटी बस्तियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जो अब तक पक्की सड़कों से वंचित थीं। विभाग ने सर्वे पूरा करके केंद्र को रिपोर्ट भेज दी है। इन सड़कों के बनने से स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं ग्रामीणों के घर तक पहुंचेंगी। सरकार का मुख्य लक्ष्य हर गांव को पक्की सड़क से जोड़ना है।

हजारों ग्रामीणों का खत्म होगा बरसों का इंतजार

शिमला, मंडी और कांगड़ा जैसे जिलों की ऊंचाइयों पर बसी बस्तियों के लोग लंबे समय से इस दिन का इंतजार कर रहे थे। पक्की सड़क नहीं होने से मरीजों को पीठ पर लादकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता था। अब पीएमजीएसवाई-4 के माध्यम से करीब 250 ऐसी बस्तियों की किस्मत चमकने वाली है। विभाग ने तकनीकी मानकों का पूरा ध्यान रखा है ताकि ये सड़कें भूस्खलन और भारी बारिश के दौरान भी सुरक्षित रहें।

बजट और निर्माण कार्य की समय सीमा

केंद्र सरकार इस परियोजना के लिए भारी-भरकम बजट आवंटित करने जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सड़कों के सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। निर्माण कार्य में आधुनिक तकनीक का उपयोग होगा ताकि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। सरकार का प्रयास है कि अगले दो वर्षों के भीतर इन सभी सड़कों का निर्माण कार्य पूरा करके इन्हें जनता को समर्पित कर दिया जाए।

पर्यटन और आर्थिकी को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

इन दुर्गम क्षेत्रों में सड़क पहुंचने से स्थानीय पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। ऑफबीट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होने वाले इन गांवों में होमस्टे और अन्य रोजगार के अवसर पैदा होंगे। बागवानों को अपनी फसल मंडी तक पहुंचाने में कम समय और कम खर्च लगेगा। इससे किसानों की आय में सीधे तौर पर बढ़ोतरी होगी। सड़क केवल पत्थर और डामर का रास्ता नहीं, बल्कि हिमाचल की समृद्धि का नया द्वार साबित होने वाली है।

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