शिमला: जतोग मिलिट्री कैंट में प्रादेशिक सेना की भर्ती रैली 19 मई को, पूर्व सैनिकों के लिए सुनहरा मौका

Himachal News: शिमला के जतोग मिलिट्री कैंट में आगामी 19 मई 2026 को प्रादेशिक सेना द्वारा भर्ती रैली आयोजित की जाएगी। 133 इन्फैंट्री बटालियन (इको डोगरा) इस विशेष भर्ती अभियान के माध्यम से कुल 23 पदों को भरेगी। इसमें एक जेसीओ, 18 सैनिक जनरल ड्यूटी और शेष विभिन्न ट्रेड्समैन के पद शामिल हैं। यह भर्ती मुख्य रूप से देश की सेवा कर चुके भूतपूर्व सैनिकों के लिए है। पात्र पूर्व महिला कर्मचारी भी पर्यावरण और वन विभाग के माध्यम से इसमें आवेदन कर सकती हैं।

भर्ती प्रक्रिया और रिपोर्टिंग का समय

भर्ती रैली में भाग लेने वाले सभी उम्मीदवारों को 19 मई को सुबह 5:30 बजे जतोग कैंट पहुंचना होगा। सेना के अधिकारी उम्मीदवारों की शारीरिक दक्षता और दस्तावेजों की गहन जांच करेंगे। इसके बाद साक्षात्कार के माध्यम से अंतिम चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जनरल ड्यूटी पदों के लिए केवल हिमाचल प्रदेश के मूल निवासी ही आवेदन कर सकेंगे। वहीं, ट्रेड्समैन पदों के लिए देशभर के पात्र पूर्व सैनिक इस रैली में हिस्सा ले सकते हैं।

भूतपूर्व सैनिकों के लिए अनिवार्य पात्रता शर्तें

भर्ती के लिए उम्मीदवारों का पेंशनभोगी होना अनिवार्य है। सेना के रिकॉर्ड में उनका चरित्र ‘एक्सेम्प्लरी’ या ‘वेरी गुड’ श्रेणी का होना चाहिए। जेसीओ पद के लिए आवेदन करने वाले सैनिक पिछले पांच वर्षों के भीतर सेवानिवृत्त हुए हों। पुरुष उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम लंबाई 160 सेंटीमीटर और वजन 50 किलोग्राम तय किया गया है। शारीरिक रूप से पूर्णतः फिट उम्मीदवार ही इस चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा बन पाएंगे। अनुशासन और फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

महिला उम्मीदवारों के लिए विशेष प्रावधान और मानक

हिमाचल प्रदेश वन विभाग और मंत्रालय की पात्र पूर्व महिला कर्मचारी भी इसमें हिस्सा ले सकती हैं। महिलाओं के लिए कम से कम 20 साल की सेवा और पेंशनभोगी होना अनिवार्य शर्त है। महिला उम्मीदवारों की न्यूनतम लंबाई 150 सेंटीमीटर और वजन 42 किलोग्राम होना चाहिए। चयन प्रक्रिया में पुरुषों के लिए 1.6 किलोमीटर की दौड़ होगी। महिलाओं के लिए वनीकरण से संबंधित दक्षता परीक्षण आयोजित किए जाएंगे। यह वनीकरण कार्यों में विशेषज्ञता परखने के लिए है।

सेवा की अवधि और मिलने वाले लाभ

चयनित उम्मीदवारों को वर्ष में लगभग 8 से 10 महीने तक अपनी सेवाएं देनी होंगी। इसके बाद उन्हें 2 से 4 महीने का अनिवार्य अवकाश या डिसएम्बॉडिमेंट दिया जाएगा। ध्यान रहे कि इस सेवा अवधि के दौरान अलग से अतिरिक्त पेंशन या ग्रेच्युटी का कोई प्रावधान नहीं होगा। यह नियुक्ति प्रादेशिक सेना के विशिष्ट नियमों के तहत की जा रही है। पूर्व सैनिकों को एक बार फिर वर्दी पहनने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का अवसर मिलेगा।

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