New Delhi News: पांच राज्यों के चुनाव खत्म होने के बाद पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी हो गए हैं। सरकारी तेल कंपनियों ने जनता को राहत देते हुए कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की है। पहले चर्चा थी कि मतदान के बाद ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आएगा। लेकिन केंद्र सरकार ने अपने वादे के अनुसार दामों को बिल्कुल स्थिर रखा है। इससे देश के लाखों उपभोक्ताओं को महंगाई से काफी राहत मिली है।
कच्चे तेल की कीमतों में लगी है आग
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिका और ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव एक सौ उन्नीस डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। इस भारी उछाल के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बदले गए हैं। दुनिया में ईंधन की महंगाई से हाहाकार मचा हुआ है। लेकिन भारत सरकार अपनी नीतियों से आम जनता को इस आर्थिक झटके से बचाने में अभी तक सफल रही है।
सोशल मीडिया की झूठी अफवाहों पर लगाम
चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में दस रुपये तक की बढ़ोतरी का दावा किया जा रहा था। एक फर्जी आदेश भी खूब वायरल हुआ था जिसमें भारी कीमत वृद्धि की बात लिखी थी। लेकिन पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस अफवाह को पूरी तरह से नकार दिया था। सरकार ने स्पष्ट किया था कि तेल के दाम बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उनका यह आधिकारिक बयान आज बिल्कुल सच साबित हुआ है।
महानगरों में तेल की कीमतों की स्थिति
सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने लगातार अपनी कीमतें स्थिर रखी हैं। देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल करीब चौरानवे रुपये और डीजल सतासी रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। अप्रैल दो हजार बाईस के बाद से ही पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में भी जब तक अंतरराष्ट्रीय हालात बहुत ज्यादा नहीं बिगड़ते, तब तक देश में ईंधन के दाम स्थिर रहेंगे।
