Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक हैरान करने वाला हादसा सामने आया है। डैहर बाजार के व्यस्त शीतला माता मंदिर चौक पर एक स्कूल बस बिना ड्राइवर के ही सड़क पर दौड़ने लगी। यह घटना तब हुई जब बस सड़क किनारे खड़ी थी और अचानक पीछे की ओर लुढ़कने लगी। इस दौरान बस ने दुकानों और एक बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय बस में बच्चे सवार नहीं थे।
बाजार में अचानक मचा हड़कंप और मची अफरा-तफरी
हादसे के वक्त डैहर बाजार में काफी चहल-पहल थी। जैसे ही लोगों ने बस को बिना चालक के पीछे की ओर लुढ़कते देखा, वहां चीख-पुकार मच गई। अनियंत्रित बस ने तेजी से पीछे हटते हुए दो दुकानों के शेड और एक काउंटर को बुरी तरह कुचल दिया। पास ही खड़ी एक मोटरसाइकिल भी बस की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई। लोगों में इस नजारे को देखकर दहशत फैल गई और वे जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
दुकान से सामान लेने गया था ड्राइवर, पीछे भागकर भी नहीं रुकी बस
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्कूल बस का चालक वाहन को सड़क पर खड़ा करके पास की एक दुकान से सामान लेने गया था। इसी बीच बस अचानक ढलान पर पीछे की ओर चलने लगी। चालक ने जब अपनी बस को लुढ़कते देखा, तो उसने उसे रोकने के लिए काफी दौड़ लगाई। उसने चलती बस में चढ़ने की कोशिश भी की, लेकिन वह असफल रहा। चालक की इस लापरवाही ने बाजार में मौजूद कई लोगों की जान जोखिम में डाल दी थी।
बाल-बाल बची मासूमों की जान और बड़ा हादसा टला
गनीमत यह रही कि स्कूलों में छुट्टी हो चुकी थी और बस पूरी तरह खाली थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बस के अंदर बच्चे सवार होते, तो यह एक बड़ी त्रासदी बन सकती थी। बस की रफ्तार इतनी अधिक थी कि वह दुकानों को नुकसान पहुंचाते हुए काफी दूर जाकर रुकी। इस घटना ने स्कूल बसों की सुरक्षा और चालकों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब इसकी तकनीकी जांच की बात कह रहा है।
समझौते के बाद शांत हुआ मामला, बस मालिक ने भरा हर्जाना
घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जुट गई और काफी हंगामा हुआ। हालांकि, स्थिति को देखते हुए बस मालिक ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने प्रभावित दुकानदारों और मोटरसाइकिल मालिक को हुए आर्थिक नुकसान की पूरी भरपाई करने का लिखित आश्वासन दिया। बस मालिक के इस कदम के बाद पीड़ितों ने पुलिस में मामला दर्ज नहीं करवाया। आपसी सहमति के बाद चालक ने बस को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, तब जाकर बाजार के लोगों ने राहत की सांस ली।
