बीड़-बिलिंग में हवा में अटकी दो पैराग्लाइडर्स की जान, वायुसेना के रेस्क्यू ऑपरेशन का रोंगटे खड़े करने वाला सच

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में धौलाधार की पहाड़ियों के बीच बड़ा हादसा टल गया। प्रसिद्ध बीड़-बिलिंग साइट से उड़ान भरने वाले दो पायलट हवा में रास्ता भटक गए। दोनों पायलट उड़ान के दौरान दुर्गम पहाड़ियों में बुरी तरह फंस गए थे। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भारतीय वायुसेना की मदद ली। एक बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों को सुरक्षित निकाला गया।

SOS संदेश ने बचाई दोनों पायलटों की जान

रविवार दोपहर को दोनों पायलटों ने अपनी सोलो उड़ान शुरू की थी। उनका लक्ष्य चोगान लैंडिंग साइट पर उतरना था। लेकिन वे जलसू जोत की तरफ जाते हुए ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों में दुर्घटनाग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि दुर्घटना से ठीक पहले उन्होंने मोबाइल फोन इस्तेमाल किया। दोनों ने बीड़-बिलिंग एसोसिएशन और जिला प्रशासन को तुरंत आपातकालीन संदेश भेज दिया। इसी संदेश के कारण उनकी जान बच सकी और बचाव दल समय पर हरकत में आया।

भारतीय वायुसेना ने किया जांबाज रेस्क्यू ऑपरेशन

आपातकालीन संदेश मिलते ही प्रशासन और एसोसिएशन ने बचाव अभियान शुरू कर दिया। लेकिन पहाड़ियों का भूभाग बहुत दुर्गम था और वहां पहुंचना आसान नहीं था। हालात की गंभीरता को देखते हुए वायुसेना के हेलीकॉप्टर को बुलाया गया। वायुसेना के जवानों और स्थानीय सर्च टीम ने मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाया। इस साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए दोनों घायल पैराग्लाइडर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वायुसेना की इस त्वरित कार्रवाई की तारीफ हो रही है।

अस्पताल में चल रहा है घायल पायलटों का इलाज

बैजनाथ के उपमंडल मजिस्ट्रेट संकल्प गौतम ने इस घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घायल पायलटों के नाम अरुण सिंह और राजन गुप्ता हैं। अरुण राजस्थान के रहने वाले हैं जबकि राजन गुजरात से हैं। रेस्क्यू के तुरंत बाद डॉक्टरों ने दोनों की जांच की। इस हादसे में दोनों पायलटों को फ्रैक्चर आया है। उन्हें इलाज के लिए पालमपुर के विवेकानंद मेडिकल इंस्टीट्यूट में भर्ती कराया गया है। फिलहाल दोनों की हालत पूरी तरह स्थिर है।

बीड़-बिलिंग में पहले भी हो चुके हैं कई बड़े हादसे

धौलाधार पर्वतमाला में पैराग्लाइडिंग के दौरान हादसे कोई नई बात नहीं हैं। हाल ही में पोलैंड के पैराग्लाइडर एंड्रयू बाबिनस्की भी यहां फंस गए थे। उन्हें तीन दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला गया था। इसके अलावा ठीक एक महीने पहले एक बहुत दर्दनाक हादसा हुआ था। उड़ान भरने के तुरंत बाद दो पैराग्लाइडर आपस में टकरा गए थे। उस हादसे में बेल्जियम के एक पायलट को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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