Himachal News: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में एक दर्दनाक आत्महत्या मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। भटियात क्षेत्र की तुनुहट्टी पंचायत में एक युवती को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस ने मृतका के सगे चाचा, चाची और चचेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया है। टांडा मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ने वाली इस युवती के पास से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है।
घर और जमीन की रंजिश ने ले ली मासूम की जान
पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में इस हृदयविदारक घटना के पीछे पारिवारिक कलह मुख्य कारण बनकर उभरी है। बताया जा रहा है कि युवती का अपने चाचा और उनके परिवार के साथ घर और जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस विवाद के कारण घर में अक्सर झगड़े होते रहते थे, जिससे युवती गहरी मानसिक पीड़ा से गुजर रही थी। तनाव और प्रताड़ना से तंग आकर अंततः उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया।
स्कूल की नोटबुक में छिपा था मौत का आखिरी राज
टांडा मेडिकल कॉलेज से पोस्टमार्टम के बाद जब युवती का शव घर पहुंचा, तो थाना प्रभारी अखिलेश सिंह ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से छानबीन की। इस दौरान पुलिस को युवती की स्कूल नोटबुक में लिखा एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। नोटबुक के पन्नों पर युवती ने अपनी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के नाम और वजह साफ-साफ लिखे थे। पुलिस ने नोटबुक के साथ ही जहरीले पदार्थ की शीशी को भी साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया है।
9 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच चली जंग
युवती ने 17 अप्रैल को मानसिक तनाव में आकर जहरीली दवा का सेवन किया था। उसे गंभीर हालत में पहले चुवाड़ी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां नौ दिनों तक चले इलाज के बाद भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इलाज के दौरान ही उसने एक रिश्तेदार को सुसाइड नोट और जहर खाने की बात बताई थी। बेहतर इलाज के लिए उसे टांडा अस्पताल भेजा गया, जहां उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
बीएनएस की धारा 108 के तहत गिरफ्तार हुए आरोपी
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चाचा अरूण, चाची तपस्या और चचेरे भाई रूशल के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट और बयानों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर सख्त कानूनी सजा दिलाने की तैयारी है। इस घटना से जंद्राह गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
