Mumbai News: पांच बार की आईपीएल चैंपियन मुंबई इंडियन्स के लिए मौजूदा सीजन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। कप्तान हार्दिक पंड्या की चोट और टीम के लचर प्रदर्शन ने उन्हें प्लेऑफ की दौड़ से बाहर कर दिया है। ऑलराउंडर कोर्बिन बॉश ने स्वीकार किया है कि पंड्या की गैरमौजूदगी टीम के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण साबित हुई है। रायपुर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से मिली हार के बाद मुंबई का सफर आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया है।
नेतृत्व और प्रदर्शन की कमी खल रही: कोर्बिन बॉश
कोर्बिन बॉश ने पंजाब किंग्स के खिलाफ होने वाले मैच से पहले टीम की स्थिति पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि हार्दिक पंड्या केवल एक कप्तान ही नहीं, बल्कि दुनिया के बेहतरीन क्रिकेटरों में से एक हैं। मैदान पर उनके नेतृत्व और व्यक्तिगत खेल की कमी पूरी टीम को महसूस होती है। बॉश ने यह भी स्पष्ट किया कि खेल कभी किसी के लिए रुकता नहीं है। टीम को इस कठिन समय से उबरकर आगे की ओर देखना होगा।
पीठ की ऐंठन बनी हार्दिक पंड्या के लिए बड़ी बाधा
कप्तान हार्दिक पंड्या इस सीजन में पीठ की ऐंठन (Back Spasm) की समस्या से बुरी तरह जूझ रहे हैं। इसी चोट के कारण वह बेंगलुरु के खिलाफ महत्वपूर्ण मैच का हिस्सा नहीं बन पाए थे। आईपीएल 2026 के ग्रुप चरण में यह तीसरा मौका था जब पंड्या प्लेइंग इलेवन से बाहर रहे। इससे पहले वह दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जाइंट्स के खिलाफ मैचों में भी नहीं खेल सके थे। उनकी अनुपस्थिति ने टीम के संतुलन को पूरी तरह बिगाड़ दिया।
सूर्यकुमार यादव के कंधों पर कप्तानी का बड़ा भार
हार्दिक पंड्या की अनुपस्थिति में विस्फोटक बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव को टीम की कमान सौंपी गई है। भारत के टी20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान सूर्या अब तक तीन मैचों में मुंबई इंडियन्स का नेतृत्व कर चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि पंजाब किंग्स के खिलाफ होने वाले अगले मुकाबले में भी वही टीम की अगुवाई करेंगे। हालांकि, कप्तानी में बदलाव के बावजूद मुंबई इंडियन्स अंक तालिका में नौवें स्थान पर संघर्ष कर रही है, जो फैंस के लिए काफी निराशाजनक है।
मुंबई इंडियन्स के संघर्ष का असली कारण आया सामने
ऑलराउंडर बॉश ने टीम के खराब प्रदर्शन का विश्लेषण करते हुए सामूहिक विफलता को मुख्य कारण बताया है। उनके अनुसार, मुंबई इंडियन्स इस सीजन में संपूर्ण प्रदर्शन (Complete Performance) करने में पूरी तरह नाकाम रही है। जब बल्लेबाजी चली तो गेंदबाज संघर्ष करते दिखे और जब गेंदबाजों ने दम दिखाया तो बल्लेबाज फेल रहे। इसी तालमेल की कमी और प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों ने पांच बार की विजेता टीम को टूर्नामेंट से बाहर होने पर मजबूर कर दिया।

