आधी रात सपा नेताओं के घर पहुंची पुलिस, बरहज आंदोलन से पहले प्रशासन का बड़ा एक्शन

Deoria News: समाजवादी पार्टी के बरहज आंदोलन से ठीक पहले पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। आधी रात करीब 12 बजे पुलिस अधिकारी सपा जिलाध्यक्ष विकास यादव उर्फ व्यास यादव के घर पहुंचे और उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया। यह कार्रवाई अधिवक्ता विजेंद्र सिंह की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर रोकने के लिए की गई। इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को भी उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया है।

किन-किन नेताओं को किया गया हाउस अरेस्ट

जिलाध्यक्ष विकास यादव के अलावा राज्यसभा की पूर्व सदस्य कनकलता सिंह को भी हाउस अरेस्ट किया गया है। पुलिस ने सपा नेता बेचू लाल चौधरी और देवरिया विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष आफताब आलम को भी घर से बाहर निकलने से रोक दिया। इतना ही नहीं, आंदोलन में शामिल होने वाले सभी प्रमुख समाजवादी पार्टी नेताओं के घरों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। यह सभी नेता बरहज तहसील घेराव की तैयारी कर रहे थे।

अधिवक्ता की मौत का मामला बना आंदोलन की वजह

दरअसल, बरहज के लक्ष्मीपुर गांव में अधिवक्ता विजेंद्र सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर सपा ने 30 अप्रैल को सुबह 10 बजे बरहज तहसील का घेराव करने का ऐलान किया था। प्रशासन को जैसे ही इस आंदोलन की भनक लगी, उसने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कार्रवाई शुरू कर दी।

आधी रात पुलिस का औचक एक्शन

जानकारी के अनुसार, सीओ सिटी संजय कुमार रेड्डी और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार राय भारी पुलिस बल के साथ आधी रात को विकास यादव के घर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें घर से बाहर निकलने पर पूरी तरह रोक लगा दी। गुरुवार सुबह तक उनके घर के बाहर पुलिस बल मुस्तैद रहा। उधर, बरहज तहसील परिसर में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की भीड़ एकत्र न हो सके।

जिलाध्यक्ष ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

सपा जिलाध्यक्ष व्यास यादव ने पुलिस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह महज एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं है। यह हर उस आवाज को कुचलने की साजिश है जो अन्याय और अत्याचार के खिलाफ उठती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनपद में बढ़ते अपराध, निर्दोष लोगों पर फर्जी मुकदमे और पीडीए परिवार के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ उठने वाली आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

सपा कार्यकर्ताओं ने दी संघर्ष की चेतावनी

हाउस अरेस्ट के बावजूद समाजवादी पार्टी पीछे हटने के मूड में नहीं है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता अन्याय के खिलाफ सड़कों पर उतरेगा और संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार है। सपा नेतृत्व का कहना है कि प्रशासन का यह दमनकारी रवैया पार्टी के मनोबल को तोड़ नहीं सकता। सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी के बाद भी कार्यकर्ताओं ने आंदोलन जारी रखने की रणनीति बना ली है, जिससे प्रशासन और विपक्ष के बीच टकराव गहराने की आशंका है।

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